Skip to main content

Posts

Showing posts from 2026

कांग्रेस कांग्रेस कांग्रेस

       कांग्रेस       कांग्रेस         कांग्रेस देश की खातिर अंग्रेजों से लगा जी जान लड़ी कांग्रेस  ब्रिटिशों के सामने पहाड़ सी सीना तान खड़ी कांग्रेस। गांधी पटेल नेहरू सुभाष की जनक कांग्रेस भारत मां के मस्तक पर हीरा सी जड़ी कांग्रेस। भारत का इतिहास बिन कांग्रेस के अधूरा है कांग्रेस की नींव पर समृद्धि का सपना पूरा है। नेहरू ने देश के औद्योगिकरण की बुनियाद रखी नारा आराम हराम का जनता ने बात याद रखी। सन 1947 में उत्पादन का स्तर शून्य था आगे बढ़ते भारत में नेहरू का योगदान  अक्षुण्य था। आवश्यक था बुनियादी ढांचे को खड़ा करना लूट से आहत हिंद के अस्तित्व को बड़ा करना। स्वतंत्र सार्वजनिक निजी उद्योग, कृषि का विकास हुआ पंचवर्षीय योजनाओं से गरीबी का विनाश हुआ। योजना आयोग के गठन से नियोजित आगे बढ़े टाटा, टिस्को, इसरो, भेल, रेल के दम सीढ़ियां चढ़े। राउरकेला, दुर्गापुर बोकारो और भिलाई इस्पात उत्पादन में हमें सफलता दिलाई। कृषि को बढ़ाने भाखड़ा, नांगल, हीराकुंड, दामोदर घाटी  बने बांध विशाल उपजाए सोना अपनी माटी।...

131 वां संविधान संशोधन बिल 2026

महिला आरक्षण व परिसीमन विधेयक 2026 - 131 वाँ संविधान संशोधन विधेयक - सदन में भाजपा की पहली बार हार -  आज 17 अप्रैल, 2026 को संसद के विशेष सत्र में 131वें संविधान संशोधन विधेयक (और उससे जुड़े अन्य विधेयकों) पर बेहद गहमागहमी रही। इस चर्चा और उसके परिणाम की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं - विधेयक का गिरना (सबसे बड़ी खबर) लोकसभा में वोटिंग के बाद यह महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका (वास्तव में सरकार इसे पारित ही नहीं करना चाहती थी)। चूंकि यह संविधान संशोधन विधेयक था, इसलिए इसे पारित होने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। संख्यात्मक आंकड़े -  पक्ष में वोट - 298 विरोध में वोट - 230 परिणाम - बहुमत होने के बावजूद यह दो-तिहाई के आंकड़े (जो लगभग 352 होना चाहिए था) तक नहीं पहुँच पाया, जिसके कारण विधेयक गिर गया। चर्चा के मुख्य बिंदु -  चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सरकार का पक्ष - गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इन बिलों का उद्देश्य 2029 के लोकसभा चुनाव में महि...

मेडिकल रिपोर्ट अख्तर बानो

शिवम हॉस्पिटल चूरू  Dear akther bano Your OPD TID No. 2026041614543124 has been generated successfully on 16-04-2026 by L N MEMORIAL SHIVAM ORTHO AND GENERAL HOSPITAL . - RGHS Rajasthan. Dear akther bano Your OPD TID No. 2026041614543124 has been generated successfully on 16-04-2026 by L N MEMORIAL SHIVAM ORTHO AND GENERAL HOSPITAL . - RGHS Rajasthan. Dear shamsher khan - XXXX8396, Your bill No CHUR/G-562/R/2026-27/580 on 16/04/2026 of Rs. 756.00 is successfully updated in your RGHS wallet. - SIMS, GoR

चुनाव एवं मतदान का अधिकार

मतदान एवं चुनाव लड़ने का अधिकार  सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय -  मतदान करना और चुनाव लड़ना मौलिक अधिकार नहीं है यह वैधानिक अधिकार है, जो संस्थागत शर्तों के अधीन है। सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न फैसलों में यह स्पष्ट किया है कि वोट देने का अधिकार (Right to Vote) और चुनाव लड़ने का अधिकार (Right to Contest Election) मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) नहीं हैं, बल्कि ये वैधानिक अधिकार (Statutory Rights) या संवैधानिक अधिकार हैं। इस तथ्य को और अधिक स्पष्टता से समझने के लिए इसे कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं में विभाजित किया जा सकता है -  1. वैधानिक बनाम मौलिक अधिकार (Statutory vs. Fundamental Right) -  संविधान के भाग III में दिए गए मौलिक अधिकार (जैसे समानता या अभिव्यक्ति की आजादी) स्वतः प्राप्त होते हैं और सरकार उनमें आसानी से कटौती नहीं कर सकती। इसके विपरीत, चुनाव लड़ना और वोट देना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA), 1951 के दायरे में आता है। चूंकि यह कानून द्वारा निर्मित अधिकार है, इसलिए कानून ही इसकी शर्तें तय करता है। उदाहरण -  1. दो से अधिक संतान - यदि कानून क...

जिगर के दोहे।

जिगर के दोहे -  01.  आड़ी टेढ़ी राखिए, जो घर हों बहु दोय। बांस बजे ना मंजरी, ना उठा पटक होय।। भाई भाई ना होया, न होय भतीज। बड़ - बड़ परवार की, निपट गई तमीज।। 02.  छोटा तो खोटा हुया, बड़े को न सुहाय। पीपल पेड़ के आसरे, नीम नहीं लग पाय।। 03. कहे भतीज काक से, मैं बड़ा तुम नीच। दाणो कु दाणो भयो, बीज भयो कुबीज।। 04.  बहु लड़े है सास से बेटी लड़े है माय। बहु न्यारी होयसी, धी ससुराल को जाय। 06.  अनमना हीं पांवणा, गुणतुण गाए गीत। आड़ी टेढी बात करें, इनकी उलटी रीत।। 07.  दास, जवांई, भांणजो, लेते नीच पगाय, होणी के सीरी बने, अणहोणी नट जाय।। 08.  बेटी लाड़ लड़ाय के, भेजी पराई जाय। ऊबी गई आंगने, सूती घर ना आए।। 09.  नाचे पंख न देख कर, रोए देख के पग। मोर बेचारो सुलखणो, डरे नाग को जग।। 10.  बलवीर चला मारने, ले हाथ तलवार। बेटा पन्ना ने दिया, अमर सिंह पे वार।। 11.  बेटी मेरी सलूखणी, बहु अवगुणी नाम। उलटी सोच के कारणे, बसे किण बिद गांव। 12.  आटीपाटी लेय के, सो गई महला उनींद। बीन्द लाड लडायतो, सो गयो काची नींद।। 13.  तिरिया का तेरा करम...

04. ग़ुफ़्तार ए जिगर (हिंदी/उर्दू गजल संग्रह 04) 75 गजल

            ग़ुफ़्तार ए जिगर                     फेहरिस्त 01. आओ.... 02. बात कर... 03. चमन..... 04. आ चल.... 05. कसरत.... 06. एहसान.... 07. मुश्किल.... 08. शहर... 09. नजर...... 10. पैदा कर.... 11. मिसाल..... 12. घायल.... 13. एहसान.... 14. पहचान.. 15. आया.. 16. कैसे.. 17. करने लगे.. 18. शहर...... 19. किसने मारा... 20. मूर्तद...... 21. सुन....... 22. पूरी नहीं.... 23. डरने लगे..... 24. जात क्या है... 25. दिखाएगा... 26. याराना.. 27. बेचा.... 28. गवाह.. 29. साए..... 30. होने तक... 31. परवाह नहीं.... 32. नहीं डरते.... 33. सुकून... 34. जाएंगे.... 35. आंखों में..... 36. बस्ती मेरी.... 37. रेस्तरां.... 38. मुश्किल... 39. गुजर.... 40. खुद..... 41. तावीज.... 42. खास... 43. कैसे....... 44. हल...... 45. पर्दे.... 46. चाहत..... 47. पाबंदियां....... 48. पौधा..... 50. बैठे हो..... 51. मखौल....... 52. निकलेगा 53. ज़रूरी है.... 54. नहीं है... 55. कब पूछेगा... 56. दूरियां .... 57. हवा.... 58. क्या हुआ... 59. बिका हुआ.........

👤 शमशेर भालू खान

📍 कायमखानी बस्ती सहजुसर ,चूरू राजस्थान Pin :-331001

💬 Chat on WhatsApp

© 2026 ShamsherBhaluKhan.com | Designed & Managed by Shamsherbhalukhan