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Showing posts from September, 2022

साल्तनत काल

गुलाम वंश 1=1193 मुहम्मद  गौरी 2=1206 कुतुबुद्दीन ऐबक  3=1210 आराम शाह 4=1211 इल्तुतमिश 5=1236 रुकनुद्दीन फिरोज शाह 6=1236 रज़िया सुल्तान 7=1240 मुईज़ुद्दीन बहराम शाह 8=1242 अल्लाउदीन मसूद शाह 9=1246 नासिरुद्दीन महमूद   10=1266 गियासुदीन बल्बन 11=1286 कै खुशरो 12=1287 मुइज़ुदिन कैकुबाद 13=1290 शमुद्दीन कैमुर्स 1290 गुलाम वंश समाप्त् (शासन काल-97 वर्ष लगभग ) खिलजी वंश 1=1290 जलालुदद्दीन फ़िरोज़ खिलजी  2=1296  अल्लाउदीन खिलजी  4=1316 सहाबुद्दीन उमर शाह 5=1316 कुतुबुद्दीन मुबारक शाह 6=1320 नासिरुदीन खुसरो  शाह 7=1320 खिलजी वंश स्माप्त (शासन काल-30 वर्ष लगभग ) तुगलक  वंश 1=1320 गयासुद्दीन तुगलक  प्रथम  2=1325 मुहम्मद बिन तुगलक दूसरा    3=1351 फ़िरोज़ शाह तुगलक  4=1388 गयासुद्दीन तुगलक  दूसरा 5=1389 अबु बकर शाह 6=1389 मुहम्मद  तुगलक  तीसरा 7=1394 सिकंदर शाह पहला 8=1394 नासिरुदीन शाह दुसरा 9=1395 नसरत शाह 10=1399 नासिरुदीन महमद शाह दूसरा दुबारा सता पर 11=1413 दोलतशाह 1414 तुगलक  वंश समाप्त (शासन काल-94वर्ष लगभग...

राजस्थान उर्दू बचाओ आंदोलन संघर्ष समिति पुनर्गठन

राजस्थान उर्दू बचाओ संघर्ष समिति मुख्य संयोजक -  शमशेर भालू खान 'गांधी ' 9587243963 संयोजक - 1खुर्शीद अनवर खान तहरीक ए उर्दू टोंक  9214920912  2 अब्दुल रहमान खान व्याख्याता उर्दू,नागौर 9588060858 3 यूनुस अली खान वअ उर्दू,चुरू 9460192572 4 शौकत अली अंसारी झालावाड़ 9413007867 5 अख्तर खान जोधपुर 9982003945 6 मूसा खान बीकानेर 9667863999 7 सीमा भाटी बीकानेर 9414020707 संरक्षक -  1 चौधरी अकबर कासमी साहित्यकार व सामाजिक कार्यकर्ता  8813082299 2 मुंसिफ खान अजमेर,सामाजिक कार्यकर्ता 7665379000 3 महमूद खान उदयपुर, सामाजिक कार्यकर्ता  9667379786 4 हिदायतुल्लाह खान उदयपुर सामाजिक कार्यकर्ता  9887997388 6 मोहम्मद खान चित्तौड़गढ़  9929841786 7 मुफ्ती आदिल आदिल टोंक 9571014717 8 शेर मोहम्मद मेव,  मेव बोर्डिंग,अलवर 9014017081 9 भंवरू खां सेवानिवृत जिला शिक्षा अधिकारी, चूरू 9413268556 10 रमजान खान सामाजिक कार्यकर्ता,बीकानेर 9252595001 11 यासीन खान जालूपुरा सामाजिक कार्यकर्ता,जयपुर 9316606081 12 सैयद विलायत हुसैन ...

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जब राधाकृष्णन एक शिक्षक थे, तब भी वे नियमों के दायरों में नहीं बँधे थे। कक्षा में यह 20 मिनट देरी से आते थे और दस मिनट पूर्व ही चले जाते थे। इनका कहना था कि कक्षा में इन्हें जो व्याख्यान देना होता था, वह 20 मिनट के पर्याप्त समय में सम्पन्न हो जाता था। आजाद भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति के तौर पर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का नाम भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। राधाकृष्णंन दर्शनशास्त्र का ज्ञान रखते थे जिन्होंने भारतीय दर्शनशास्त्र में पश्चिमी सोच की शुरुआत की।राधाकृष्णन नामी शिक्षक थे। राधाकृष्णन ने सनातन धर्म को भारत और पश्चिम दोनों में फ़ैलाने का प्रयास किया। वे दोनों सभ्यताओं को मिलाना चाहते थे। विचार - उनका मानना था कि शिक्षकों का दिमाग देश में सबसे अच्छा होना चाहिये, क्यों कि देश को बनाने में उन्हीं का सबसे बड़ा योगदान होता है। डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन संक्षिप्त जीवन परिचय नाम - सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन  (सर्वपल्ली गांव से 18वीं सदी में तिरुट्टनी आए) जन्म - 5 सितम्बर 1888 जन्म स्थान - तिर...