अस्मिता की जंग - बात दूसरे विश्व युद्ध की है।। जापान, तुर्की, इटली और जर्मनी के सैनिक और मित्र राष्ट्रों की सेना के सिपाही लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे थे। लड़ाई को महीने बीत चुके थे, फौजी थकान और सहवास की तीव्र इच्छा के कारण निढाल हुए जा रहे थे। जापान ताकतवर था। उसके लाखों सैनिक जंग लड़ रहे थे। राशन और गोला-बारूद तो उनके पास थे, लेकिन शरीर की जरूरत के लिए लड़कियां नहीं थीं। कमांडरों ने सरकारों को इस संबंध में सूचित कर दिया। समस्या विकट होती जा रही थी जिसका समाधान फौजियों को बिना छुट्टी दिए किया जाना ही संभव था।सभी देशों में सैनिकों की संख्या लगातार घटती जा रही है और जो जिंदा थे वो थकान से निढाल। फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया और मित्र राष्ट्रों ने इस हेतु प्रोफेशनल सेक्स वर्कर और गुलाम (उपनिवेश) देशों से अपहृत लड़कियों को सेना के सामने परोसा गया। जर्मनी ने रूस और दूसरे देशों से पकड़ी गई युवतियों को नोचने के लिए भूखे भेड़िए की तरह व्यवहार करने वाले सैनिकों के सामने चारे के रूप में फेंक दिया। जापान में इसी तरह से नौची गई एक स्त्री की कहानी झकझोरने वाली है। फिलीपींस की सड...
लघुकथा - पागल कौन ? बहुत पुरानी बात है, बदरपुर राज्य का राजा बहुत बुद्धिमान एवं प्रजापलक था। राज कार्य में पारंगतता के साथ - साथ वह अध्ययन - अध्यापन व कला को बहुत महत्व देता था। समय समय पर उसके दरबार में विभिन्न विशेषज्ञ आते और अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते। राजा भी प्रसन्न हो कर उन्हें विभिन्न पुरस्कार देता। राजा के इस व्यवहार के बारे में सुनकर एक बार एक ज्योतिषि उनसे मिलने आया और राजा से मिलने की इच्छा जताई। दरबारियों ने इस हेतु राजा को सूचित किया तो उसे दरबार में बुलाया गया। सभी राजकार्य से संबंधित गणमान्य उपस्थित थे। राजा ने ज्योतिषी को उचित सम्मान दिया और आसन प्रदान किया। चर्चा चली के आप किस तरह की ज्योतिष विद्या में पारंगत हैं तो उस ने कहा में महामारियों से संबंधित भविष्यवाणी करता हूँ। राजा ने उत्सुकता से पूछा कि क्या हमारे राज्य में किसी प्रकार की महामारी की संभावना है ? ज्योतिष ने जान की खैर मांगी और कहा "महाराज आज से 14 दिन बाद 5 मिनिट तक एक ऐसी हवा चलेगी जिस के संपर्क में आने वाला हर जीव पागल हो जायेगा।" राजा द्वारा पूछने पर के इस से बचाव का उपाय क्...