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लघुकथा - छोटी बहू

लघुकथा - छोटी बहू...... कुंदरू शहर के निकट के गांव जूसर में एक नामचीन बड़े परिवार में चार भाई रहते थे। गांव के लोग इस परिवार की बड़ी इज्जत और सम्मान करते थे। पिता अपने समय के जागीरदार थे परंतु लाख कोशिशों के बावजूद बेटों को जिस हद तक पढ़ाने की इच्छा थी नहीं पढ़ा सके। समय ने करवट बदली, परिवार की जागीरदारी जाती रही, घर में कमाई कम हो गई लेकिन खर्चे वही रहे। कबीर का दोहा है - बढ़त बढ़त संपत्ति सलिल मन सरोज बढ़ी जात, घटत- घटत पुनि ना घटे बरू समूल कुमलात। धीरे धीरे घर की स्थिति में कमजोरी आने लगी। कमजोर होते घरों में अक्सर महिलाएं अपने परिवार के लिए लालची हो जाती हैं, ऐसा ही इस घर में हुआ। बड़ा बेटा पंवरा जिस के नाम से जमीदार ने पानी वाली सिंचित जमीन खरीदी थी पर कब्जा कर लिया। पिता के खूब समझाने पर भी वह नहीं माना तो मायूस हो कर जागीरदार जी ने उसे अपनी सारी जमीनों से बेदखल कर दिया। उस से छोटा तेरा सिंह जो जागीरदार जी का पूरा काम संभालता था ने बड़ी चालाकी से जमा धन संपत्ति को अपने कब्जे में कर लिया।  दोनों ही बड़ों ने अपने खुद के मन से कोई फैसला नहीं किया, बस घर वालियों के हठ के आ...
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भारत में 1 अक्टूबर 2026 से जन्म मृत्यु रजिस्ट्रेशन एक विश्लेषण

भारत में 1 अक्टूबर 2026 से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधी नए आदेशों का विश्लेषण -  जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र केवल सरकारी दस्तावेज़ नहीं हैं, बल्कि नागरिक की पहचान, शिक्षा, पासपोर्ट, उत्तराधिकार, पेंशन और विभिन्न सरकारी सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख हैं। इसलिए 1 अक्टूबर से लागू बताए जा रहे नए आदेशों का विश्लेषण करते समय यह समझना आवश्यक है कि कौन-सा नियम बदला है, किस पर लागू है और आम नागरिक के अधिकारों पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा। इस विषय में एक महत्वपूर्ण अंतर भी ध्यान देने योग्य है: जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में संशोधन, केंद्र सरकार का नया आदेश और किसी राज्य द्वारा जारी प्रशासनिक निर्देश, तीनों अलग-अलग चीजें हैं। इनके प्रभाव और लागू होने की तारीख अलग हो सकती है। 1. नया कानून क्या है और कब लागू हुआ? भारत सरकार ने Registration of Births and Deaths (Amendment) Act, 2026 अर्थात जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 को 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार की 16 सितंबर 2026 की राजपत्र अधिसूचना में यह तारीख निर्धारित की गई थी। ...

राजस्थान में हिरासत में बढ़ती मौत -एक सवाल

राजस्थान में हिरासत में मौत के बढ़ते आँकड़े, गंभीर सवाल और न्याय की पुकार आरोपों की जांच -  1. राजस्थान में 2024-25 में हिरासत में 9 मौतें हुईं -  • ✅ 2. वर्ष 2025-26 में यह संख्या 18 हो गई • ✅ 3. उपलब्ध सरकारी आँकड़ों के अनुसार 15 मार्च 2026 तक राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर रहा -  • ✅ इस अवधि के आँकड़ों में बिहार 19 और राजस्थान 18 मामलों के साथ क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहे।  4. जयपुर के मुहाना थाने से जुड़े मामले में किशोर की मौत हुई -  • ✅ मौत और मामले की रिपोर्टिंग की पुष्टि हुई है।  5. किशोर के जन्म प्रमाणपत्र के अनुसार उसकी उम्र 16 वर्ष 9 महीने थी -  ✅ समाचार रिपोर्टों में यही उम्र ब किशोर को पीटा गया -  • परिवार और चश्मदीदों के आरोप हैं। अंतिम निष्कर्ष जाँच से निकलेगा। 6. किशोर को दूसरे नाम से अस्पताल ले जाया गया और साँप के काटने की बात कही गई -  • यह आरोप समाचारों में दर्ज है, लेकिन इसे अभी स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। 7. लगभग 10 एंटीवेनम इंजेक्शन लगे और सीटी स्कैन में सिर में गंभीर चोट मिली -  • ...

चूरू में बढ़ता नशे का प्रभाव -

चिट्टे के साथ ॐ कॉलोनी निवासी युवक गिरफ्तार चूरू में नशे का बढ़ता प्रभाव - अब चुप रहने का समय नहीं चूरू केवल रेगिस्तान की रेत, हवेलियों और ऐतिहासिक विरासत का नाम नहीं है। यह मेहनतकश लोगों, सामाजिक चेतना, शिक्षा और भाईचारे की धरती है। लेकिन आज इसी समाज के सामने एक ऐसी चुनौती तेजी से अपना सिर उठा रही है, जिस पर समय रहते गंभीरता से विचार करना जरूरी है। बढ़ता नशे का बढ़ता प्रभाव -  नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। यह घर में प्रवेश करता है तो परिवार को प्रभावित करता है, परिवार से समाज तक पहुँचता है तो सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करता है और जब युवाओं की जिंदगी को अपनी गिरफ्त में लेने लगता है तो पूरे क्षेत्र के भविष्य पर सवाल खड़ा कर देता है। आज सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि चूरू में नशा है या नहीं। सवाल यह है कि हम इसके खिलाफ कितनी गंभीरता से खड़े हैं? शुरुआत छोटी होती है, नुकसान बड़ा -   नशे की शुरुआत अक्सर बहुत मामूली लगती है। किसी मित्र का आग्रह, जिज्ञासा, तनाव से राहत पाने की कोशिश या केवल यह सोच कि “एक बार लेने से क्या फर्क पड़ेगा।” लेकिन कई बार यही एक बार धीरे-...

06. मिनाज ए जिगर (उर्दू नज़्म संग्रह 01) ✅✍️

मिनाज ए जिगर (उर्दू कता, नज़्म और गजल) 11. नहीं कोई फरिश्ता.... 10. अलग हैं... 9. कौन देता है.... 8. इंसाफ़ का दिन 7. ना ऐब हो.... 6. नज़्म - हारा करते हैं .... 5. कांटों में... 4. वादा.... 3. किसी ने छुआ होगा.... 2. तराना .... 1. घर और हादसे.... ********************************* 11. नहीं कोई फरिश्ता...... निभा पाऊँ भला कैसे ये रिश्ता, हूँ इक इंसाँ, नहीं कोई फ़रिश्ता। ज़माने का निगेहबाँ हूँ मैं अब तक, नहीं कोई फ़साना हूँ गुज़िश्ता। क़लम से अपनी क़िस्मत खुद लिखी है, न था तक़दीर का कोई नविश्ता। अदालत में दबी रह गई थी ज़बानें वहाँ फ़ैसला सुनाया पेशनविश्ता। रज़ा पर तू सदा राज़ी रह जिगर, वही होगा अज़ल का सरनविश्ता। ********************************* 10. अलग हैं... हमारे फ़िक्र के अंदाज़ अलग हैं, तुम्हारे नख़रे और नाज़ अलग हैं। मसनवी में कशीदे कब रवाँ हैं, ये शीरीं ज़हर के अल्फ़ाज़ अलग हैं। क़दम चूमे गए जिन पेशानियों के, वो शाहों के वो सर और ताज अलग हैं। जो नीयत से इबादत हो पज़ीरा, वो रोज़े और वो नमाज़ अलग हैं। जो कल तक थे बहुत नज़दीक मेरे, ज़रूरत पर वही बस आज अलग हैं। अजब दुनिया का आ...

मुशीर ए जिगर (कता)

मुशीर ए जिगर (कता)  22. इल्ज़ाम .... 21. सियासत में वफ़ा.... 20. हमने किया... 19. जोड़ते चले... 18. सियासत 17. मुंतशिर... 16. आएंगे लोग... 15. मतदान कीजिए.... 14. उखाड़ा गया.... 13. ज़िन्दा है.... 12. लोग..... 11. अक़्ल पर पर्दा..... 10. सहूलियत देखी...... 9. माफ़ किसने किया...... 8. खालिक ने लिख कर भेजा है..... 7. गैरों के शानों पर..... 6. जीना पड़ता है... 5 इंसान बहुत से.... 4. गुरूर.... 3. बात करते हो... 2. हलाल हराम...… 1. कज़ा ए अमानत ..... मनकबत ख्वाजा पिया.... नात सब्ज़ गुंबद की कमली है काली  ******************************** 22.  इल्ज़ाम ..... हुकूमत का फरमान आया है, अब से नया एक निजाम आया है। हथकड़ियों में बंधे मुखालिफ़ पर, लब खोलने का इल्ज़ाम लगाया है। ****************-*******--**-***** 21.  सियासत में वफ़ा... सियासत में पार्टी से वफ़ा नहीं चलती, ऐसे वफादारों की डाल यहां नहीं गलती। नेताजी के तलवे चाट सफेद कीजिए, देखते हैं टिकट कैसे नहीं मितली। *****-*-***********------********** 20.  हमने किया ..... झुक कर आदाब ओ सलाम हमने किया, हो सका हर एक का हर का...

चुनाव घोषणा पत्र अख्तर बानो शमशेर भालू खां

                    अख्तर बानो शमशेर भालू खां  स्वर्गीय श्री भालू खां पूर्व विधायक, चूरू चुनाव घोषणा पत्र  जिला परिषद चूरू वार्ड 25 हेतु हमारी भूमिका, प्राथमिकताएँ एवं कार्यपद्धति -  जिला परिषद के वार्ड 25 के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांव  1. बुंटिया 2. डाबला 3. कड़वासर 4. बरड़ादास 5. करणपुरा 6. भामासी 7. लालासर पट्टा राजपुरा  8. लालासर पट्टा बणीरोतान 9. ढाणी रणवा  10. गिनडी पट्टा राजपुरा 11. थालोड़ी  12. मठोड़ी 13. इंद्रपुरा 14. नरसिंहपुरा 15. भैरूसर 16. भोलूसर 17. ढाणी माना 18. चलकोई बणीरोतान 19. चलकोई बीकान  20. खींवासर 21. ढाणी नायकान 22. चंदेलनगर 23. गिनड़ी पट्टा लोहसना  24. सहजूसर में कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा तथा जिन कार्यों के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार अथवा संबंधित विभाग की स्वीकृति आवश्यक होगी, उनके लिए प्रस्ताव तैयार कराकर संबंधित विभाग से निरंतर समन्वय किया जाएगा। प्रत्येक कार्य को केवल घोषणा नहीं, बल्कि प्रस्ताव, स्वीकृति, ...

👤 शमशेर भालू खान

📍 कायमखानी बस्ती सहजुसर ,चूरू राजस्थान Pin :-331001

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