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Showing posts from July, 2021

गेस्ट अख़्तर खान अकेला कोटा की कलम अल्पसंख्यक समाज व ईमरान प्रतापगढ़ी का राजस्थान दौरा

अखिल भारतीय  कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग  के राष्ट्रिय चेयरमेन , विख्यात शायर इमरान प्रतापगढ़ी का ,  आगामी 26 , , 27  जुलाई के  दो दिवसीय  राजस्थान दौरे पर ,  जयपुर , अजमेर , जयपुर अजमेर मार्ग , पर ,  उनका ऐतिहासिक स्वागत होगा , ,  लेकिन उनकी यात्रा ,  अल्पसंख्यकों के हित संवर्धन  , संघर्ष , उनको  इंसाफ  दिलाने में कितनी कामयाब साबित होगी , यह तो उनकी वापसी के वक़्त , उनके झुखे हुए , तेवर ,. या तीखे तेवरों से ही तय हो पायेगा ,,, वैसे इमरान प्रतापगढ़ी में बहुत कुछ करने का जज़्बा है , वोह विख्यात शायर होने के कारण गरीब , मज़लूम , नाइंसाफी के प्रति, संवेदनशील भी है , बोलने वाले भी है , आँखों में आँखे डालकर , समस्याओं पर बात करने वाले भी है , वोह क्या करते है , स्वागत सत्कार के बाद , देखते है  उनकी हमदर्दी  , उनकी संवेदनशीलता , उनका शायराना , अदबी अंदाज़ ,एक ब्रेक के बाद , ,  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी  की राष्ट्रिय अध्यक्ष , श्रीमती सोनिया गाँधी ने , देश के अल्पसंख्यकों को कांग्रेस के पक्ष में जो...

चाकसू विधायक श्री वेद प्रकाश ने नहीं लिया अल्पसंख्यक समाज का ज्ञापन।

माननीय विधायक चाकसू श्री वेद प्रकाश सोलंकी ने नहीं लिया अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं का ज्ञापन आज चाकसू विधायक माननीय वेद प्रकाश सोलंकी को अल्पसंख्यक छात्रावास बाबत ज्ञापन देने गये।  चाकसू निवासी साथी भाई शाहरुख और उसके कुछ साथी थे जिनको विधायक ने बिना ज्ञापन लिये लौटा दिया। विधायक साहब से मना करने पर चाकसू के मुस्लिम अल्पसंख्यक युवाओं में रोश।छात्रावासो के मुद्दे को लेकर ज्ञापन देने गए थे इस मामले में जल्द माननीय  मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को प्रेषित किया जायेगा ज्ञापन।

किचने वालों की मोहब्बत

जैकब खान की ग़ज़ल एक ग़ज़ल आप सबके लिए .... नहीं जिन्दगी भर ख़सारा मिलेगा हमें भी कभी तो हमारा मिलेगा कि तूफां कहाँ रोक पाया किसी को चले हैं अगर तो किनारा मिलेगा जहाँ से बड़ी और है इक अदालत वहाँ हर किसी को सहारा मिलेगा जिसे आशिकी का तजुरबा बहुत है वही इस जहाँ में बिचारा मिलेगा हमें तो पता है हमारा मुकद्दर ख़ुशी हो या गम ढेर सारा मिलेगा _______________जाकब खान,,,,,

70 साल का हिसाब

      70 साल का छोटा सा हिसाब काफी समय से  मैने राजनीतिक बात नहीं की। कुछ लोग ट्विटर और instagram पर कांग्रेस की विचारधारा के समर्थन का कारण पूछते हैं।  किसी काम की योजना बनाने और उस को मूर्त रूप देने में समय लगता है। बना बनाया मिलने पर भी 7 साल में 7 काम गिनवा दो इस स्तर के। मैं आपको अंतिम पंक्ति तक पढ़ने के लिए चुनौती देता हूं  प्रयास करें।                       यदि आप पढ़ नहीं सकते  बस नीचे स्क्रॉल करें। ये लिस्ट सिर्फ नेहरु जी,राजीव जी,इंदिरा जी व संजय जी के नाम की है। गांधी जी,सरदार पटेल व अन्य हस्तियों के नाम पर बनी संस्थाओं के नाम फिर कभी संकलित कर बताऊंगा। मित्र से प्राप्त                  #राजीव_गांधी_सेवा_केन्द्र भारत गणराज्य की सभी ग्राम पंचायत में।             23 स्टेडियम  1. इंदिरा गांधी खेल परिसर, दिल्ली  2. इंदिरा गांधी इंडोर स्टेड दिल्ली  3. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम दिल्ली  4. राजीव गांधी...

muslim Education

education for minority and sachedule casts minority is not illitrate but they have not well knowledge of Hindi or English . I am a Muslim and know clearly that every Muslim have specific knowledge of Urdu and Arabic in basic way.but sc n st have no litracy or any education due to social beined. so in India there is more need to education of both Muslim and sc/st to provide the nations main stream. If we need to develop India we can't ignore these pillars of social system . there is no need to provede too much fund n other only develop Madarsa as indian education system . Give them recomendetion as an university or collage . develop there some skill based programme .it will be more benificient for india and its future. About this system of maqtab    madarsa government should not have to invest money. They should easy the process of establing them in a large number. An daughter of india

सरकार व नियम

आज कल सरकार आदमी को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए के उपदेश देने का काम ही ज्यादा कर रही है जब के नियमों का पालन करते हुए प्रत्येक  नागरिक को महान भारतीय संविधान ने संस्कृति खानपान रहनसहन वस्त्र पूजा पद्धति सामाजिक और सांस्कृतिक संरक्षण भाषा लिपि और वयक्तिगत जीवन को अपने तरीके से जीने का अधिकार सम्मान के साथ दिया ह फिर कैसे कोई सरकार यह तय कर सकती है के किस व्येक्ति को कितने दिन तक क्या खाना है और क्या नहीं खाना है।   क्या सभ्य समाज में ये विचारणीय विषय नहीं है। और सरकार ऐसा करना चाहती है  उस को अन्य धर्म व पंथों को मानाने वालों को पहले दूसरे दर्ज़े की नागरिकता देनी चाहिए लोक सभा व राज्य सभा में बिल पास कर सभी अन्य पंथों के लोगों को isolet कर उन के समस्त संवेधानिक राजनैतिक और संसकृतिक अधिकार छीन लेने चाहिए उस के बाद सरकारः जो चाहे करे। जिस से उन लोगों को एक तरह से सुकून तो मिले और सरकार पंथ निरपेक्षता  ढोंग न कर सके।  जीवन जीने और उसे अपने पंथ की मन्येताओं को मानते हुए वयतीत करने का अधिकार तो स्वयं भगवन ने दिया ह उसे कोई कैसे छीन सकता ह। 

मेरी स्वतंत्रता

freedom I You and we respect all of worldwide persons freedom . freedom of  all kind of human as a creacture of god. But I can' t permission any one to interfere  on my personal living . What I eat or What should not, what I wear or what not who is any other can  who decide my life style. I born for service of mankind and charity  for all things.