शमशेरभालु खान गांधी भाई शमशेर खान भालू उर्फ़ गाँधी को सियासत विरासत में मिली, लेकिन वोह सियासत जोड़तोड़ ,मौक़ापरस्ती, उर्दू ज़ुबान,मदरसों की उपेक्षा की नहीं उनकी परवरिश गांधीवादी माहौल में रही। एक ईमानदाराना गांधी वादी संघर्ष में रही और यही वजह है के आज वोह उर्दू ,मदरसों के लिए, एक संघर्ष ,एक आवाज़ बनकर उभरे है। अल्लाह से दुआ है कि इस लड़ाई को कामयाब करे। उनके उठाये हुए मुद्दों के अलावा भी जो मुद्दे वो भूल गए है ,उन पर संयुक्त विचार कर ,जल्द ही,गाँधीवादी विचारधारा को पुनर्जीवित करने के लिए , ईमानदाराना फैसले भी ले , उन्हें तुरंत लागू भी करे। राजस्थान में उर्दू ,उर्दू से जुड़े लोगों के हक़, इन्साफ के लिए,उर्दू तहज़ीब के दायरे में खुद को तकलीफ देकर गाँधीवादी मुख्यमंत्री के राजस्थान में गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे भाई शमशेर खान भालू को दिल से सलाम सेल्यूट। सेल्यूट इसलिए के अब तक जो भी तंज़ीमें जो भी तहरीकें जो भी संगठन आंदोलन के लिए आये वोह सिमट कर चले भी गये लेकिन उर्दू तहज़ीब के साथ बलात्कार कहो या फिर कहो पक्षपात या फिर कहो ज़ुल्म ज़्यादती वादा खिलाफी सब होते रहे और...