कहां हैं #बड़े_लोगों_की_छोटी_बात रास्ते पर घर है जहां वाहनों की लोगों की भीड़ लगी रहती है हम भी समाज के बड़े प्रतिष्ठित सम्मानित नागरिकों में गिने जाते हैं। सुंदर घर के आगे एक सुंदर सा टॉयलेट-बाथरूम बनवाया जिस में बेहतरीन किस्म की टाइल,गेट व पानी की फिटिंग करवाई। हमारे घर में किसी तरह की गन्दगी न हो इसलिये बाथरूम का नाला सड़क की तरफ खोल दिया और बेतहासा पानी बहा रहे हैं। उसी रास्ते से नमाजी और पुजारी के साथ राहगीर पानी के छींटों से भीगते हुये दुआओं की बारिश करते चले जाते हैं। हम कामगार मज़दूर लोग हैं पशु तो रखने ही पड़ेंगे। अब पशु घर के अंदर रहे तो मिंगणी गोबर पेशाब की सड़ांध से जीना दूभर हो जायेगा। रास्ते पर जहां हमने पहले एक चौकी बना ली थी उस से थोड़ा बढ़कर बकरियों, गाय,भैंस के लिये खूँटा गाड़ देंगे। परेशान हम क्यों हो भई, लोग ही हों। घर का गेट थोड़ा ऊँचा लगवा लिया तो क्या हुआ सड़क पर बड़ा सा खरंजा बना कर आसानी से गाड़ी घर मे जा सकत...