Skip to main content

हम औऱ हमारी सच्चाई

कहां हैं
#बड़े_लोगों_की_छोटी_बात

           रास्ते पर घर है जहां  वाहनों की लोगों की भीड़ लगी रहती है हम भी समाज के बड़े प्रतिष्ठित सम्मानित नागरिकों में गिने जाते हैं।
        सुंदर घर के आगे एक सुंदर सा टॉयलेट-बाथरूम बनवाया जिस में बेहतरीन किस्म की टाइल,गेट व पानी की फिटिंग करवाई। हमारे घर में किसी तरह की गन्दगी न हो इसलिये बाथरूम का नाला सड़क की तरफ खोल दिया और बेतहासा पानी बहा रहे हैं।
           उसी रास्ते से नमाजी और पुजारी के साथ राहगीर पानी के छींटों से भीगते हुये दुआओं की बारिश करते चले जाते हैं।
       हम कामगार मज़दूर लोग हैं पशु तो रखने ही पड़ेंगे। अब पशु घर के अंदर रहे तो मिंगणी गोबर पेशाब की सड़ांध से जीना दूभर हो जायेगा। रास्ते पर जहां हमने पहले एक चौकी बना ली थी उस से थोड़ा बढ़कर बकरियों, गाय,भैंस के लिये खूँटा गाड़ देंगे। परेशान हम क्यों हो भई, लोग ही हों।
       घर का गेट थोड़ा ऊँचा लगवा लिया तो क्या हुआ सड़क पर बड़ा सा खरंजा बना कर आसानी से गाड़ी घर मे जा सकती है।
             पानी की कोई कमी नहीं है, टूंटी आ रही है बस जितना चाहिये भर लिया बाक़ी सड़क पर बह रहा है इस से ज्यादा आप हम से क्या चाहते हैं फ्री में ठण्डी सड़क मय्यसर करवा रहे हैं।
        रात खाना बना, बेहतरीन था अब लोगों को कैसे बतायें हमने क्या बनाया था, कोई बात नहीं हम बची हुई हड्डियाँ, छिलके दस्तरखान के कागज़, नेपकिन,बच्चों के हग्गीज़, कुछ कूड़ा सड़क पर डाल कर बड़ी शान से कहते हैं सफाई आधा ईमान है। हमारे नबी स0 को सफाई से बहुत लगाव था।
       दोस्तों के साथ बैठ कर हालात के बारे में बयान शुरू कर देते हैं कि हमारे देश के नेता चोर हैं सब कुछ खा-पी लिया पूरे देश को लूट रहे हैं।
         सऊदी,ब्रिटेन,अमेरिका व फ्रांस में जा कर देखो सड़क पर एक तिनका भी मिल जाये तो मज़ाल है। वहां बहुत सख़्ती है। (सड़क पर पुड़िया की पीक थूकते हुये खाली पुड़िया का रैपर वहीं डाल कर)वहाँ  कोई गन्दगी नहीं कर सकता औऱ हमारे देश में देखो कितनी गन्दगी है,मेरा तो जी ही नहीं लगता।
गांव शहर मोहल्ले एकदम साफ सुथरे होने चाहिये। जब हम सुबह सुबह घर से निकलें तो चौड़ा पक्का और साफ सुथरा रास्ता देख कर दिल को सुकून मिलता है।
                हम खूब शौक से किसी के घर के आगे खाली पड़ी ज़मीन पर अपनी मोटर साईकिल, स्कूटर,गाड़ी या साईकल खड़ी कर के अंदर घुस जाते हैं ।
       पूरे यकीन के साथ कि पास से गुजरने वाला वाहन आराम से निकल  सकता है अपनी गाड़ी/वाहन सुरक्षित है। यह सब दूसरे के घर में होना चाहिये।
           वहाँ से निकल कर बग़ीचे में घूमने चले गये,डालियों से लगे सुंदर फूलों ने ध्यान खींचा। इधर उधर नज़र दौड़ा कर तपाक से कुछ फूल तोड़े और जेब में रख कर घर की ओर चल दिये।
(हमारी बस्ती,शहर,गांव में मैने जो देखा महसूस किया वही लिख दिया। आप और मैं चाहें तो अपने ऊपर लेकर सोच सकते हैं,हालत बदल सकते हैं)
हम कब सुधरेंगे।

जिगर चूरूवी
(शमशेर भालुखान)
9587243963

Comments

Popular posts from this blog

बासनपीर मामले की हकीकत

इस ब्लॉग और मेरी अन्य व्यक्ति से हुई बातचीत पर मंहत प्रतापपुरी का बयान जीवनपाल सिंह भाटी की आवाज में सत्य घटना सद्भावना रैली बासनपीर जूनी पूर्व मंत्री सालेह मुहम्मद का बयान बासनपीर जूनी के सत्य एवं जैसाने की अपनायत की पड़ताल -  पिछले कुछ दिनों से जैसलमेर के बासन पीर इलाके का मामला सामने रहा है। कहा जा रहा है कि पूर्व राज परिवार की जमीन पर बासनपीर गांव के लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। नजदीक से पड़ताल करने पर हकीकत कुछ ओर निकली। जिसके कुछ तथ्य निम्नानुसार हैं - रियासत काल में सन 1662 में बीकानेर और जैसलमेर रियासत के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में जैसलमेर सेना के दो वीर योद्धा सोढ़ा जी और पालीवाल जी शहीद हो गए। युद्ध के बाद बासन पीर (युद्ध स्थल) तालाब की तलहटी पर शहीदों की स्मृति में छतरियां बनवाई हैं। जैसलमेर के चारों और 120 किलोमीटर इलाके में 84 गांव पालीवाल ब्राह्मणों ने बसाए जिनमें से एक गांव बासनपीर जूनी भी था। पालीवाल ब्राह्मण समृद्ध किसान और व्यापारी थे, रियासत के दीवान सालिम सिंह से अनबन के कारण सन् 1825 में सभी गांव खाली करने को मजबूर हो गए। पालीवाल...

✍️कायम वंश और कायमखानी सिलसिला सामान्य इतिहास की टूटी कड़ियाँ

कायमखानी समाज कुछ कही कुछ अनकही👇 - शमशेर भालू खां  अनुक्रमणिका -  01. राजपूत समाज एवं चौहान वंश सामान्य परिचय 02. कायम वंश और कायमखानी 03. कायमखानी कौन एक बहस 04. पुस्तक समीक्षा - कायम रासो  05. कायम वंश गोत्र एवं रियासतें 06. चायल वंश रियासतें एवं गोत्र 07. जोईया वंश स्थापना एवं इतिहास 08. मोयल वंश का इतिहास 09. खोखर वंश का परिचय 10. टाक वंश का इतिहास एवं परिचय  11. नारू वंश का इतिहास 12 जाटू तंवर वंश का इतिहास 13. 14.भाटी वंश का इतिहास 15 सरखेल वंश का इतिहास  16. सर्वा वंश का इतिहास 17. बेहलीम वंश का इतिहास  18. चावड़ा वंश का इतिहास 19. राठौड़ वंश का इतिहास  20. चौहान वंश का इतिहास  21. कायमखानी समाज वर्तमान स्थिति 22. आभार, संदर्भ एवं स्त्रोत कायम वंश और कायमखानी समाज टूटी हुई कड़ियां दादा नवाब (वली अल्लाह) हजरत कायम खां  साहब   नारनौल का कायमखानीयों का महल     नारनौल में कायमखानियों का किला मकबरा नवाब कायम खा साहब हांसी,हरियाणा   ...

✅इस्लाम धर्म में व्यापार, ब्याज एवं मुनाफा

अरब व्यापारी हर देश में हर देश का हर एक सामान खरीदते और बेचते थे। अरब में व्यापार -  किसी भी क्षेत्र में सभी सामान उपलब्ध नहीं हो सकते। हर क्षेत्र का किसी ना किसी सामान के उत्पादन में विशेष स्थान होता है। उपलब्ध सामग्री का उत्पादन, भंडारण, परिवहन एवं विपणन ही व्यापार कहलाता है। क्षेत्र अनुसार इसके अलग - अलग नाम हो सकते हैं। इस्लाम धर्म का उदय अरब में हुआ। अरब क्षेत्र में तीन प्रकार की जनजातियां रहती थीं। बायदा - यमनी  अराबा - कहतानू (मिस्र) मुस्ता अराबा - अरबी (इस्माइली) यह जनजातियां खेती, व्यापार एवं अन्य कार्य करती थीं। हजारों सालों से इनका व्यापार रोम, चीन एवं अफ्रीका के देशों से रहा। अरब व्यापारी पश्चिम में अटलांटिक महासागर से लेकर पूर्व में अरब सागर तक, अरब प्रायद्वीप तक व्यापार करते थे। अरब नील से ह्यांग्हो तक व्यापार करते थे। अरब प्रायद्वीप कई व्यापार मार्गों के केंद्र में स्थित था, जिसमें दक्षिण पूर्व एशिया, भूमध्य सागर और मिस्र शामिल थे। यहां मुख्य सभ्यताएं रहीं -  - सुमेरियन एवं बेबीलोन  सभ्यता (मेसोपोटामिया/इराक) (दजला फरात) की सभ्यता। - फ...