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Showing posts from May, 2024

मोयल वंश का इतिहास

मोयलवाटी -  चौहानों की शाखा मोयलों ने छापर द्रोणपुर इलाके में खुद को स्थापित किया। वर्तमान चुरू जिले का दक्षिणी पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी भाग इन्हीं मोहिलो के नाम से मोयलवाटी कहलाए। आज के सुजानगढ़, छापर, लाडनू, इन्हीं मोहिलो के कब्जे में थे। गांव - 140 (नेनसी के अनुसार 1400 गांव) मोयल वंश का इतिहास -  राठ (अरिमुनि की संतान), चायल, जोड़, मोयल ओर कायम वंश का इतिहास घंघराय की संतान तक एक ही है। चौहानों की कुल चौबीस शाखाओं का इतिहास के अनुसार इनका वर्णन पहले ही किया जा चुका है। मोयल/मोहित वंश चौहानों की एक शाखा है। बछराय/बच्छराज जी की संतान मोयल वंश कहलाई। तथ्य 01 - नेनसी के अनुसार चौहान से पुत्र चाह,चाह से राणा, राणा से गंग (घंघ),गंग से इंद्रवीर, इंद्रवीर से अर्जुन, अर्जुन से सुरजन से राणा, और राणा ही मोहिल हुआ। उसके अनुसार द्रोणपुर पर शिशुपाल वंशी डाहलियों का अधिकार था जिसे उनके कट्टर शत्रु बागड़ियों ने हरा कर कब्जे किया। आगे चल कर बागड़ियो ने यह क्षेत्र सुरजन के पुत्र मोहील के हवाले कर दिया। तथ्य 02 -   कायम रासा के अनुसार कन्हन के पुत्र बच्छराज की संतान मोहिल ...

चूरु बिजली पानी की समस्या

पत्रिका न्यूज          अतिरिक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए    चूरु, बिजली वपानी की समस्या के समाधान हेतु  रात को कडवासर जीएसएस पर धरना अतिरिक्त जिला कलक्टर चूरू को सौंपा ज्ञापन विद्युत विभाग एससी का किया घेराव चूरु विधानसभा क्षेत्र समस्या एवं समाधान समिति चूरू। शमशेर भालू खान  संयोजक चूरु विधानसभा क्षेत्र  समस्या एवं समाधान  समिति, चूरू। 9587243963 सेवामें, श्रीमान जिला कलक्टर महोदय जिला मुख्यालय, चूरू। विषय - चुरू विधानसभा क्षेत्र में बिजली और पेयजल आपूर्ति के संबंध में निवेदन। महोदय जी, उपरोक्त विषय अंतर्गत सादर निवेदन है कि चूरू विधानसभा क्षेत्र के गांवों और शहर में  01. पेयजल की आपूर्ति नगण्य है। आपणी योजना का पानी की महीने भर से आपूर्ति नहीं की जा रही है। चुरू शहर के लगभग सभी मोहल्लों में पेयजल की किल्लत आम आदमी झेल रहा है। 02. चूरू विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों में अनियमित और अघोषित बिजली कटौती उपभोक्ता के लिए जान का जंजाल बन चुकी है। भरी दोपहर में घंटों बिजली कटौती हो रह...

अमेठी एक कहानी

       स्मृति जुबिन ईरानी            केएल शर्मा                बीजेपी                         कांग्रेस राजस्थान टीम अमेठी शमशेर भालू खान लाइव अमेठी, एक कहानी वर्ष 1967 में अमेठी लोक सभा क्षेत्र के रूप में भारत के मानचित्र पर आया। इस से पहले इस क्षेत्र में सुल्तानपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत चुनाव होते थे। अमेठी भारत का प्रमुख शहर एवं राजनीतिक दृष्टिकोण से गांधी परिवार के कारण एक महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र है। यह भारत के गांधी परिवार की कर्मभूमि है। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के पोते संजय गाँधी, राजीव गाँधी तथा उनकी पत्नी सोनिया गाँधी ने इस जिले का प्रतिनिधित्व किया है। 2014 से 2019 तक आम चुनाव में राहुल गाँधी यहाँ से साँसद चुने गए। जनसंख्या आंकड़े नाम -   अमेठी प्रचलित नाम रायपुर अमेठी  (जनगणना- 2011 के अनुसार) क्षेत्रफल - 2329.11 वर्ग कि.मी. समुद्र तट से ऊंचाई - 100 मीटर  कुल ग्राम - 995 भाषा - हिंदी...

सामाजिक सरोकार

रिश्तों का निभाव, लालची कौन। समाज में आम धारणा बनी है कि लड़के वाले लालची होते हैं, वो दहेज मांगते हैं और दहेज नहीं देने पर लड़की पर अत्याचार करते हैं। अनुभव और वर्तमान परिस्थितियों से सरोकार के आधार पर मैं कह सकता हूं कि लालची लड़के वाले नहीं अपितु लड़की वाले होते है।  रिश्ता करने से पहले प्राथमिकता से जांच का ओर पूछताछ का विषय बड़ा घर/कोठी, सरकारी नौकरी, जमीन जायदाद, इकलौता लड़का,ननद न हो, आदि रहते हैं। इसके साथ ही रिश्ता करने से पहले लश्करों का आना जाना बड़ी संख्या में, खास तौर से औरतों का हुजूम देखने लायक होता है। पहले जिस तरह लड़की वाले को रिश्ते से पहले टोकनी की तरह मांजा जाता था आज कल लड़के वालों की जम कर धुलाई होती है। पूरी चमक दिखने के बाद ही हां होती है। यह सामाजिक कुरीति धीरे से सामाजिक सच बनती जा रही ही और हम आहिस्ता से इसे स्वीकार कर रहे हैं। पुराने समय में रिश्ते का आधार बड़ा परिवार, सामाजिक प्रतिष्ठा, चाल चलन, व्यक्तिगत संपर्क और आपसी सहयोग की जांच पड़ताल होता था। घर का कोई एक सदस्य लगभग पूरे परिवार का रिश्ता कर के परिवार में सिर्फ यह बताता था कि फलां लड़...