Skip to main content

. indian education system

भारतीय शिक्षा वयव्स्था में कुछ आमूलचूल परिवर्तन की महत्ती आवशयकता है 1
सब से पहले सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारने की ज़रूरत है जिस में प्रशासनिक व अकादमिक दोनों ही स्तर में सुधार के लिये कुछ उपाय करने चाहिये
अकादमिक सुधार के   लिये शिक्षा विभाग की  द्विस्तरीय वयव्स्था को समाप्त कर एकीकृत कर देना चाहिए 1
माधयमिक व प्रारम्भिक शिक्षा विभाग को एकीकृत कर निदेशक अकादमिक व निदेशक  प्रशाशनिक , उप निदेशक प्रशासनिक व उप निदेशक अकादमिक व जिला शिक्षा अधिकारी प्रशासनिक व जिला शिक्षा  अधिकारी अकादमिक बी इ इ ओ  के स्थान पे बी इ ओ प्रशाशनिक व बी इ ओ अकादमिक पद हो जिस में प्रशानिक  पद पे आई  ए एस / आर ए एस  स्तर के और अकादमिक में शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल स्तर के अधिकारी हों 1 प्रशाशनिक अधिकारी विभागीय दायित्वों और अकादमिक अधिकारी शिक्षा एवं शिक्षण कार्यों के  प्रति ज़िम्मेदार हों 1  प्रत्येक  स्कूल का  अधिकतम 10 दिन के बाद गहन निरीक्षण पर्यवेक्षण व संबलन हो 1 कार्यालयों व स्कूलों में पेरा स्टाफ हो विद्यालय आधुनिक सुविधाओं जैसे कंप्यूटर पुस्तकालय फर्नीचर सुलभ आवागमन टॉयलेट्स बिजली पानी इलेक्ट्रानिक अटेंडेंस कैंटीन खेल मैदान खेल सामग्री भाषा /विज्ञानं/ से संबंधित लेबोरेटरी इंटरनेट बुक फ्री इ बुक सिस्टम वेल ट्रेण्ड टीचिंग स्टाफ जीपीएस से जुडी स्कूल हेड मास्टर/प्रिंसिपल की लोकेशन को २४ घंटे ट्रेस कर स्कूल सिस्टम व एजुकेशन सिस्टम को सुधरा जा सकता ह
इसके साथ ही धार्मिक शिक्षा चाहे किसी भी धरम की हो से संबधित शिक्षण संस्था में कट्टरवाद /फासीवादी शिक्षा पर  रोक लगा कर उन में आज के समय की शिक्षा प्रदान करना नितांत अनिवार्य कर उन की गहनता से जाँच करते रहना चाहिए

                                                               शमशेरभालू खान
                                                                  9587243963 

Comments

Popular posts from this blog

बासनपीर मामले की हकीकत

इस ब्लॉग और मेरी अन्य व्यक्ति से हुई बातचीत पर मंहत प्रतापपुरी का बयान जीवनपाल सिंह भाटी की आवाज में सत्य घटना सद्भावना रैली बासनपीर जूनी पूर्व मंत्री सालेह मुहम्मद का बयान बासनपीर जूनी के सत्य एवं जैसाने की अपनायत की पड़ताल -  पिछले कुछ दिनों से जैसलमेर के बासन पीर इलाके का मामला सामने रहा है। कहा जा रहा है कि पूर्व राज परिवार की जमीन पर बासनपीर गांव के लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। नजदीक से पड़ताल करने पर हकीकत कुछ ओर निकली। जिसके कुछ तथ्य निम्नानुसार हैं - रियासत काल में सन 1662 में बीकानेर और जैसलमेर रियासत के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में जैसलमेर सेना के दो वीर योद्धा सोढ़ा जी और पालीवाल जी शहीद हो गए। युद्ध के बाद बासन पीर (युद्ध स्थल) तालाब की तलहटी पर शहीदों की स्मृति में छतरियां बनवाई हैं। जैसलमेर के चारों और 120 किलोमीटर इलाके में 84 गांव पालीवाल ब्राह्मणों ने बसाए जिनमें से एक गांव बासनपीर जूनी भी था। पालीवाल ब्राह्मण समृद्ध किसान और व्यापारी थे, रियासत के दीवान सालिम सिंह से अनबन के कारण सन् 1825 में सभी गांव खाली करने को मजबूर हो गए। पालीवाल...

✍️कायम वंश और कायमखानी सिलसिला सामान्य इतिहास की टूटी कड़ियाँ

कायमखानी समाज कुछ कही कुछ अनकही👇 - शमशेर भालू खां  अनुक्रमणिका -  01. राजपूत समाज एवं चौहान वंश सामान्य परिचय 02. कायम वंश और कायमखानी 03. कायमखानी कौन एक बहस 04. पुस्तक समीक्षा - कायम रासो  05. कायम वंश गोत्र एवं रियासतें 06. चायल वंश रियासतें एवं गोत्र 07. जोईया वंश स्थापना एवं इतिहास 08. मोयल वंश का इतिहास 09. खोखर वंश का परिचय 10. टाक वंश का इतिहास एवं परिचय  11. नारू वंश का इतिहास 12 जाटू तंवर वंश का इतिहास 13. 14.भाटी वंश का इतिहास 15 सरखेल वंश का इतिहास  16. सर्वा वंश का इतिहास 17. बेहलीम वंश का इतिहास  18. चावड़ा वंश का इतिहास 19. राठौड़ वंश का इतिहास  20. चौहान वंश का इतिहास  21. कायमखानी समाज वर्तमान स्थिति 22. आभार, संदर्भ एवं स्त्रोत कायम वंश और कायमखानी समाज टूटी हुई कड़ियां दादा नवाब (वली अल्लाह) हजरत कायम खां  साहब   नारनौल का कायमखानीयों का महल     नारनौल में कायमखानियों का किला मकबरा नवाब कायम खा साहब हांसी,हरियाणा   ...

✅पाकिस्तान परस्त कौन

नापाक परस्त कौन -  👉 नापाक पसंद भाजपा - एक विश्लेषण 🔥# ऑपरेशन_सिन्दूर के बाद भारतीय सेना के आक्रमण में यदि #मोदी (भाजपा) सरकार ने दुश्मन से हमदर्दी न दिखाई होती और अमेरिका की व्यापार नहीं करने धमकी में ना आए होते तो भारतीय सेना नापाकिस्तान के नक्शे के चार टुकड़े कर चुकी होती। थोड़े समय के लिए सेना को फ्री हैंड मिल जाता, विदेश राज्य मंत्री पाक सरकार को हमले की पूर्व जानकारी ना देते और शहबाज़ शरीफ़ के प्रति प्रेम न छलकाते तो आज तस्वीर दूसरी होती। आख़िर भाजपा इतनी पाकिस्तान परस्त क्यों है, आईए जानते हैं,  1. 👉 वर्ष 1999 का फरवरी महीना दिनांक 19.02.1999 -  🔥 वाजपेई की लाहौर यात्रा और कारगिल युद्ध -             दिल्ली से लाहौर बस  लाहौर पहुंचे प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाक PM नवाज शरीफ से भेंट की। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस द्वारा बाघा बॉर्डर होते हुए लाहौर में नवाज शरीफ को गले लगाने पहुंचकर लाहौर घोषणा- पत्र जारी करते हैं। इधर वाजपेयी शरीफ के गले मिल कर मेहमाननवाज़ी का मजा ले रहे थे उधर नापाक स...

👤 शमशेर भालू खान

📍 कायमखानी बस्ती सहजुसर ,चूरू राजस्थान Pin :-331001

💬 Chat on WhatsApp

© 2026 ShamsherBhaluKhan.com | Designed & Managed by Shamsherbhalukhan