Skip to main content

1857 से 2022 तक भारत की चर्चित हस्तियां


1857 से 2020 तक 

भारत की 101 चर्चित हस्तियां
1 महात्मा गांधी
2 ज्योतिबा फुले 
3 सुभाष चंद्र बोस 
4 डॉक्टर भीमराव अंबेडकर 
5 सर सैयद अहमद खान 
6 रविंद्र नाथ टैगोर 
7 सरदार वल्लभ पटेल 
8 सरदार भगत सिंह 
9 चंद्रशेखर आजाद 
10 सावित्री बाई फुले 
11 फातिमा बी 
12 टीपू सुल्तान 
13 जवाहरलाल नेहरू 
14 मदर टेरेसा 
15 मदन मोहन मालवीय 
16 बाल ठाकरे 
17 एनटी रामा राव 
18 फूलन देवी 
19 मोहम्मद अली जिन्ना 
20 श्यामा प्रसाद मुखर्जी 
21 दलाई लामा 
22 मेव हकीम खान 
23 सरदार मनमोहन सिंह 
24 टी एन सेशन 
25 बेगम हजरत महल 
26 महारानी लक्ष्मी बाई 
27 निजाम हैदराबाद 
28 राधा कृष्णन
29 एपीजे अब्दुल कलाम 
30 मोहम्मद रफीक 
31 लता मंगेशकर 
32 उस्ताद बिस्मिल्लाह खान 
33 पंडित 
34 लाला लाजपत राय 
35 बाल गंगाधर तिलक 
36 डॉक्टर मोहम्मद इकबाल 
37 खान अब्दुल गफ्फार खान 
38 इंदिरा गांधी
39 मंगल पांडे
40  राजा राममोहन राय 
41 स्वामी दयानंद सरस्वती 
42 स्वामी विवेकानंद 
43 रामकृष्ण परमहंस 
44 मुंशी प्रेमचंद 
45 सूर्यकांत त्रिपाठी निराला 
46 अमिताभ बच्चन 
47 दिलीप कुमार 
48 विश्वनाथ प्रताप सिंह 
49 धीरूभाई अंबानी 
50 जमशेद जी रतनजी टाटा 
51 मोहम्मद अली जौहर 
52 सेठ घनश्याम दास बिरला 
53 उस्ताद जाकिर हुसैन 
54 डॉ राजेंद्र प्रसाद 
55 दादा भाई नौरोजी 
56 बिपिन चंद्र पाल 
57 मौलवी बाकर अली 
58 वीर सावरकर 
59 मिर्जा गालिब 
60 महादेवी वर्मा 
61 रामधारी सिंह दिनकर 
62 पीटी उषा 
63 सचिन तेंदुलकर 
64 मोहम्मद अजहरूद्दीन
65 मीनाक्षी नटराजन 
66 J. जय ललिता 
67 शेख अब्दुल्ला 
68 मेघा पाटकर 
69 मिल्खा सिंह 
70 राजीव गांधी
71 हर्षद मेहता 
72 दाऊद इब्राहिम 
73 सुनील दत्त 
74 तात्या टोपे 
75 शिबू सोरेन 
76 अरविंद केजरीवाल 
77 शरद पवार 
78 बटुकेश्वर दत्त 
79 बहादुर शाह जफर 
80 डॉ.  हरगोविंद खुराना
81 डॉ. होमी जहांगीर भाभा
82 अजीम प्रेमजी 
83 प्रणब मुखर्जी 
84 नरेंद्र मोदी 
85 जनरल मानेक्शा
86 किरण बेदी 
87 ममता बनर्जी 
88 वाजिद अली शाह 
89 अशफाक उल्ला खान 
90 अशोक गहलोत 
91 नीतीश कुमार
92 बीजू पटनायक
93 योगी आदित्यनाथ 
94 किंगफिशर 
95 सरोजिनी नायडू
96एम सुब्बालक्ष्मी 
97 विनोबा भावे 
98 लाल बहादुर शास्त्री
99 मौलाना अबुल कलाम
100 चौधरी चरण सिंह 
101 महेंद्र सिंह टिकेट


Comments

Popular posts from this blog

बासनपीर मामले की हकीकत

इस ब्लॉग और मेरी अन्य व्यक्ति से हुई बातचीत पर मंहत प्रतापपुरी का बयान जीवनपाल सिंह भाटी की आवाज में सत्य घटना सद्भावना रैली बासनपीर जूनी पूर्व मंत्री सालेह मुहम्मद का बयान बासनपीर जूनी के सत्य एवं जैसाने की अपनायत की पड़ताल -  पिछले कुछ दिनों से जैसलमेर के बासन पीर इलाके का मामला सामने रहा है। कहा जा रहा है कि पूर्व राज परिवार की जमीन पर बासनपीर गांव के लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। नजदीक से पड़ताल करने पर हकीकत कुछ ओर निकली। जिसके कुछ तथ्य निम्नानुसार हैं - रियासत काल में सन 1662 में बीकानेर और जैसलमेर रियासत के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में जैसलमेर सेना के दो वीर योद्धा सोढ़ा जी और पालीवाल जी शहीद हो गए। युद्ध के बाद बासन पीर (युद्ध स्थल) तालाब की तलहटी पर शहीदों की स्मृति में छतरियां बनवाई हैं। जैसलमेर के चारों और 120 किलोमीटर इलाके में 84 गांव पालीवाल ब्राह्मणों ने बसाए जिनमें से एक गांव बासनपीर जूनी भी था। पालीवाल ब्राह्मण समृद्ध किसान और व्यापारी थे, रियासत के दीवान सालिम सिंह से अनबन के कारण सन् 1825 में सभी गांव खाली करने को मजबूर हो गए। पालीवाल...

✍️कायम वंश और कायमखानी सिलसिला सामान्य इतिहास की टूटी कड़ियाँ

कायमखानी समाज कुछ कही कुछ अनकही👇 - शमशेर भालू खां  अनुक्रमणिका -  01. राजपूत समाज एवं चौहान वंश सामान्य परिचय 02. कायम वंश और कायमखानी 03. कायमखानी कौन एक बहस 04. पुस्तक समीक्षा - कायम रासो  05. कायम वंश गोत्र एवं रियासतें 06. चायल वंश रियासतें एवं गोत्र 07. जोईया वंश स्थापना एवं इतिहास 08. मोयल वंश का इतिहास 09. खोखर वंश का परिचय 10. टाक वंश का इतिहास एवं परिचय  11. नारू वंश का इतिहास 12 जाटू तंवर वंश का इतिहास 13. 14.भाटी वंश का इतिहास 15 सरखेल वंश का इतिहास  16. सर्वा वंश का इतिहास 17. बेहलीम वंश का इतिहास  18. चावड़ा वंश का इतिहास 19. राठौड़ वंश का इतिहास  20. चौहान वंश का इतिहास  21. कायमखानी समाज वर्तमान स्थिति 22. आभार, संदर्भ एवं स्त्रोत कायम वंश और कायमखानी समाज टूटी हुई कड़ियां दादा नवाब (वली अल्लाह) हजरत कायम खां  साहब   नारनौल का कायमखानीयों का महल     नारनौल में कायमखानियों का किला मकबरा नवाब कायम खा साहब हांसी,हरियाणा   ...

✅इस्लाम धर्म में व्यापार, ब्याज एवं मुनाफा

अरब व्यापारी हर देश में हर देश का हर एक सामान खरीदते और बेचते थे। अरब में व्यापार -  किसी भी क्षेत्र में सभी सामान उपलब्ध नहीं हो सकते। हर क्षेत्र का किसी ना किसी सामान के उत्पादन में विशेष स्थान होता है। उपलब्ध सामग्री का उत्पादन, भंडारण, परिवहन एवं विपणन ही व्यापार कहलाता है। क्षेत्र अनुसार इसके अलग - अलग नाम हो सकते हैं। इस्लाम धर्म का उदय अरब में हुआ। अरब क्षेत्र में तीन प्रकार की जनजातियां रहती थीं। बायदा - यमनी  अराबा - कहतानू (मिस्र) मुस्ता अराबा - अरबी (इस्माइली) यह जनजातियां खेती, व्यापार एवं अन्य कार्य करती थीं। हजारों सालों से इनका व्यापार रोम, चीन एवं अफ्रीका के देशों से रहा। अरब व्यापारी पश्चिम में अटलांटिक महासागर से लेकर पूर्व में अरब सागर तक, अरब प्रायद्वीप तक व्यापार करते थे। अरब नील से ह्यांग्हो तक व्यापार करते थे। अरब प्रायद्वीप कई व्यापार मार्गों के केंद्र में स्थित था, जिसमें दक्षिण पूर्व एशिया, भूमध्य सागर और मिस्र शामिल थे। यहां मुख्य सभ्यताएं रहीं -  - सुमेरियन एवं बेबीलोन  सभ्यता (मेसोपोटामिया/इराक) (दजला फरात) की सभ्यता। - फ...