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समाज की समस्याओं पर विचार

समाज में आम समस्या जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए -

1. उधार (कर्ज) - 
पांच रुपए से 15 रुपए सैंकड़ा ब्याज पर रकम उधार लेना जिस की किस्त 15 दिन से आती है। किस्त चुकाने के लिए भी कर्ज लिया जा रहा है।

2. कर्ज नहीं चुकने की शर्त में हया का सौदा - 
कर्जदार की रकम की अदायगी नहीं होने की स्थिति में कर्जदार के तकाजे के कारण औरतों को विवश हो कर जिस्म का सौदा करना पड़ता है।

3. बढ़ते पति -पत्नी के झगड़े - 
परिवारों में आपसी अनबन होना बड़ी बात नहीं है पर झगड़े इतने बढ़ जाते हैं कि तलाक की नौबत आ जाती है। यह समस्या परिवार को कम समय देने और अन्य बुरे कामों में किसी एक के लगे रहने के कारण बढ़ती जाती है।

4. मोबाइल से खत्म होता समाज - 
समाज का हर आदमी मोबाइल क्रांति से जुड़ा जिसके बहुत से फायदे हुए पर इसकी अति समस्त सामाजिक ढांचे को खत्म कर रही है।
कुछ परिवारों/ समाज में अत्यधिक तनाव व्याप्त हो जाता है। फलस्वरूप परिवार/समाज टूट जाता है।

5. प्रमाणित किताबों से बढ़ती दूरी - 
सोशल मीडिया पर सभी बातें सच नहीं होती अपितु इसके कारण भ्रांतियां फैलती हैं। प्रमाणित किताबों में  अभी भी अधिकतम सच छपा हुआ है और इनसे हम ने दूरी बना ली है।

6. जातिय/धार्मिक अंधानुकरण - 
सोशल मीडिया पर हम अक्सर देखते हैं मेरी जाती/धर्म का यह बना, जीता, नौकरी लगा या खिलाड़ी बना। संपूर्ण समाज के स्थान पर अपनी जाति या धर्म को अत्यधिक महत्व देना खंडित होने का कारण बनती है।
साथ ही अपने धर्म या जाति को अन्य से उत्तम समझना, दूसरे के धर्म या जाति को नीचा साबित करने के प्रयासों उन्माद पैदा करता है।

7. घटता मेलजोल - 
आपसी उठ - बैठ और समन्वय की कमी के कारण वैचारिक मतभेद शुरू होते हैं और यहीं से अशांति की शुरुआत होती है।

8. 
अतः 
आवश्यकता है इन सभी बुराइयों का हम खुद के दम पर खात्मा करें, खुद शांति से रहें और दूसरों को रहने दें।

जिओ और जीने दो।

निवेदक
शमशेर भालू खां (गांधी)

सलाम/ नमस्कार - 
आप सब से दरख्वास्त है कि इन दिनों हो रही घटनाओं के आधार पर कुछ सावधानियां रखनी जरूरी हैं जिस से परिवार और रिश्तेदारी बनी रहे - 
1. बच्चों (बेटा, बेटी) के इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और फेसबुक अकाउंट को कम से कम हफ्ते में एक बार चेक कीजिए।
2. बच्चे व्हाट्सएप पर कोड नाम या अन्य नाम से कुछ कॉन्टेक्ट एड कर रहे हैं जो संदिग्ध हो सकते हैं। सावधानी पूर्वक ध्यान दें।
3. हफ्ते में एक बार कुछ समय सिर्फ परिवार के सदस्यों के साथ बैठें और उनकी सुनें।
4. लगता है बच्चा गलत दिशा में जा रहा है तो बिना शोर और झगड़े के उसे प्यार से वापस मुड़ने हेतु प्रेरित करें।
5. घर में हद से ज्यादा पाबंदी और खुली छूट से बचें।
6. ऐसा लगे कि बच्चा कुछ अनर्गल करने वाला है या गांव / परिवार/ रिश्तेदार कोई जानकारी दे तो सावधानी और धैर्य से पड़ताल करें फिर कोई एक्शन लें।
7. जो बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं उन पर नजर रखें और जो पढ़ाई नहीं कर रहे हैं उन्हें किसी ना किसी काम पर लगाएं।
8. रिश्ते के काबिल बच्चों की शादी करने में हो सके उतनी जल्दी करें।
9. बेटे -बहु/ बेटी - दामाद में अनबन पर धीरज से उन्हें समझाएं। किसी एक का पक्ष बिना सोचे समझे ना लें।
10. सगोजी/ सगीजी से बात करते समय धीरज रखें। उलाहने की भाषा का उपयोग ना करें। ना ही कोई ओछी हल्की बात करें।
11. भाइयों से बात ना छुपाएं। हमारे सब से अच्छे खैर ख्वाह भाई ही हैं। किसी हाल में ना सोचें कि भाई हमारा भला नहीं चाहते।

शमशेर गांधी
21.12.2024

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