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Showing posts from July, 2024

भारत पाकिस्तान विभाजन

विभाजन का मसौदा विभाजन की लकीर                         रेडक्लिफ भारत का विभाजन एक परिचय ब्रिटिश भारत में सम्मिलित देश 1. भारत 2. पाकिस्तान 3. बांग्लादेश 4. बर्मा 5. श्रीलंका 6. गोआ (फ्रांस) 7. लक्ष्यद्वीप (पुर्तगाल) आज के दिन भारत एक राष्ट्र नहीं है, यहाँ पर दो राष्ट्र हैं, हिन्दू और मुसलमान। - विनायक दामोदर सावरकर (1937 प्रयागराज) हिन्दुओं और मुसलमानों के धर्म, विचारधाराएँ, रीति-रिवाज़ और साहित्य बिलकुल अलग-अलग हैं। एक राष्ट्र बहुमत में और दूसरा अल्पमत में, ऐसे दो राष्ट्रों को साथ बाँध कर रखने से असंतोष बढ़ कर रहेगा और अंत में ऐसे राज्य की बनावट का विनाश हो कर रहेगा। - मोहम्मद अली जिन्ना (1940) हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग गठबंधन सरकार   1944 में कांग्रेस ने अंग्रेजो भारत छोड़ो आन्दोलन अन्तर्गत विरोध स्वरूप कई प्रदेशों में अपनी सरकारों से इस्तीफा दिलवाया तो दोनो संघों ने मिलकर सरकार बनाई। 03 मार्च, 1943 को जब सिंध विधानसभा ने एक प्रस्ताव पेश किया और चर्चा कर उसे पारित किया. ...

समाज सुधार एवं अहिंसा कैंप

युवा संप्रेषण एवं कौशल विकास गाइडेंस कैंप अवधि - 3 दिन स्थान - कायमखानी हॉस्टल, चुरू  आयु सीमा - 18 से 50 वर्ष पात्रता - मुस्लिम समाज  खर्च - 1375₹ (खाना,रहना,बिस्तर) आवश्यक सामग्री - दैनिक उपभोग सामग्री,साबुन,तौलिया, ब्रश,कपड़े (जहां तक हो सके सफेद) , स्लीपर, थाली, कटोरी, गिलास, चम्मच, मसल्ला, टोपी, कुरआन मजीद नियम -  1.अमीर की बात सर्वमान्य होगी। 2.उपस्थित समूह में से ही अमीर का चयन होगा। 3.निर्धारित समय सारिणी और पाठ्यक्रम रहेगा। 4.किसी भी प्रकार की अनुशासन हीनता स्वीकार्य नहीं होगी। 5.100 आदमी 33 के हिसाब से 3 हिस्सों में रहेंगे और एक अमीर होगा। 6.किसी को भी किसी भी स्थिति में कैम्पस से बाहर जाने का अधिकार नहीं है। 7.मेडिकल और अन्य सुविधाएं कैम्प स्थल पर उपलब्ध रहेंगी। 8 सुविधा में - नाश्ता, खाना और रहना होगा। टाइम टेबल - (क) पहला दिन -  1.उपस्थिति -  शाम 5 बजे तक  मगरिब की नमाज से पहले 2. चाय -  3. नमाज मगरिब - मय अजान और बजमात 4. मशवरा और परिचय अमीर का चयन - मगरिब के बाद ईशा की अजान से पहले तक 5 खाना - चिकन, रोटी, दाल,सलाद, एक मिठ...

जुमला एवं खुद की सरकार बचाने वाला बजट - धर्मेंद्र राठौड़

.                        श्री धर्मेंद्र राठौड़  जुमला एवं खुद की सरकार बचाने वाला बजट -       - धर्मेंद्र राठौड़ (पूर्व चेयरमैन RTDC) की प्रतिक्रिया                     राजस्थान बजट 20240- 25 एक समलोचना -                पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को जुमला बजट, उनके सहयोगियों को रेवड़ियां बांटने वाला,  देश की जनता कमाई को पूंजीपति मित्रो में बांटने वाला जुमला करार दिया। खास तौर से राजस्थान को इस बजट से निराशा के अलावा किस नहीं मिला।                 समाचार पत्र की प्रति   राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के न्याय के एजेंडे को ठीक तरह से कॉपी भी नहीं कर पाई भाजपा सरकार   साफ तौर पर मोदी सरकार का यह बजट कॉपी पेस्ट के अलावा कुछ नहीं।  इस बजट में सरकार ने गठबंधन के साथियों को ठगने के लिए आधी...