राजा राममोहन राय राजा राममोहन राय को तत्कालीन सनातन समुदाय में फैली बुराइयों यथा सती प्रथा, जाति प्रथा, छुआछूत, अंधविश्वास और नशे का विरोधी कहा जाता है। उन्होंने बाल विवाह, बहुविवाह, महिलाओं की निरक्षरता और विधवाओं की निम्न स्थिति के विरुद्ध जन जागृति का कार्य किया। संक्षिप्त परिचय - नाम - राममोहन राय उपनाम - 1. राजा 2.भारत में जनजागरण के अग्रदूत जाति - बंगाली ब्राह्मण जन्म - 22 मई 1772 जन्म स्थान - राधानगर, खानाकुल (बंगाल) मृत्यु - 27 सितंबर 1833 (आयु 61 वर्ष) मृत्यु का स्थान - स्टेपलटन, ब्रिस्टल (इंग्लैंड) पिता - रमाकांत राय माता - तारिणी देवी पत्नी - उमा देवी (मृत्यु - 1833) संतान - दो पुत्र 1. राधा प्रसाद राय 2. रामप्रसाद राय विदेश यात्राएं - 1. इंग्लैंड 2. फ्रांस जनजागरण हेतु संस्थाएं - 1. ब्रह्म समाज 2.आत्मीय सभा 3.प्रेसीडेंसी कॉलेज 4. रॉयल एशियाटिक सोसाइटी कार्य - 1.ईस्ट इंडिया कंपनी में नौकरी - (1809 से 1814) कलकत्ता में 2.पत्रकार 3.समाज सुधारक पत्रकार एवं संपादक के रूप में राजा राम मोहन राय - राजा राममोहन रा...