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Showing posts from May, 2026

किसान सभा तहसील इकाई चूरू

तहसील कमेटी किसान सभा चूरू का रिपोर्ट कार्ड दिनांक - 24.05.2026 1. गांव चंदेलनगर में कामरेड साथी के साथ किसान के घर पर लगा ताला खुलवाया। 2. जिला कमेटी बैठक के बाद 5 गांवों में ग्राम कमेटियों का गठन किया गया। अब 32 ग्राम कमेटी बन चुकी हैं। 3. चूरू तहसील के कार्यों को सही ढंग से करने के लिए  3. A. बिजली  3. B. कृषि  3. C. शिक्षा समिति का गठन किया गया। 4. 3 गांवों में किसानों की आपसी अनबन को समाप्त कर समझौता करवाया गया। 5. तहसील स्तरीय एक दिवसीय धरना जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने रखा गया। 6. रेल रोको आंदोलन हेतु सभी 108 गांवों में संपर्क किया गया। 7. 3 किसानों के खेतों में लगे टावर की समस्या के समाधान हेतु बिजली कंपनी प्रतिनिधियों से वार्ता की गई। 8. तहसील कमेटी कार्यालय हेतु आगे से जन सहयोग हेतु कार्य शुरू किया जाना प्रस्तावित है। 9. तहसील के गांव कोटवाद में पानी की समस्या का समाधान करवाया गया। 10. कृषि उपज मंडी में दलाल को पकड़ कर किसानों से घुस के रूप में ली जाने वाली राशि वापस करवाई। 11. चने की तुलवाई की प्रतिदिन निगरानी की गई, तुलाई 50 kg 600 ग्राम की जा...

कानूनी ड्राफ्ट

    विवाह विच्छेद (तलाकनामा) 500 का स्टांप पेपर फोटो       फोटो मैं ..............पुत्र ............. जाति ........ निवासी ........... (आधार नं. ............)।  जिसे इस दस्तावेज में आगे "प्रथम पक्ष" के नाम से सम्बोधित किया गया है। द्वितीय पक्ष ........ पत्नी......... पुत्री....... जाति ..... निवासी.......... हाल ........(आधार नं. 713739224624) जिसे इस दस्तावेज में आगे "द्वितीय पक्ष" उल्लेखित किया गया है। जो कि हम दोनों पक्षकारान का निकाह दिनांक ...... को ग्राम/शहर......., तहसील......... जिला ........में ........ रीति रिवाज एवं समाज में प्रचलित रस्मों रिवाज के मुताबिक सम्पन्न हुआ था। निकाह/विवाह के पश्चात् हम दोनों पक्षकारान में छोटी मोटी बातों को लेकर आपस में विवाद एवं तनाव रहने लगा एवं दोनों पक्षकारों के मध्य आपसी वैचारिक मतभेद बढ़ते ही रहे। इसलिए दोनों पक्षकारान के मध्य विवाद इतना बढ़ गया, कि हमारे मन एवं विचारों का मिलान असंभव हो गया, अब परिस्थितियों यह बन गयी हैं कि हम दोनों पक्षकारान एक छत के नीचे पति-पत्नी की तरह निवास नहीं कर सकते हैं।  इस ...

स्वराज का धुंधला होता स्वप्न

ग्राम स्वराज का धूमिल होता स्वप्न - कहा जाता है कि भारत गांवों का देश है, यहां की 70% से अधिक आबादी आज भी गांवों में निवास करती है। इन गांवों में प्राथमिक संसाधन और विकास का स्वप्न देखते हुए महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज की धारणा प्रतिपादित की थी। देश आजाद हुआ, भारत की जनता की, भारत की जनता के लिए, भारत की जनता के द्वारा सरकार का गठन हुआ। लोगों की उम्मीदें परवान पर थीं, जब देश आजाद होगा तो हमारे संसाधनों पर हमारा अधिकार होगा, हम जैसे चाहें योजना बना कर अपने लोगों को विकसित वातावरण प्रदान कर सकेंगे, परन्तु आजादी के आठवें दशक में पहुंचते बुढ़े भारत में लोकतंत्र और ग्राम स्वराज का सपना केवल सपना ही रहा। आज भी लाखों गांव विकास नाम के पक्षी को अपने क्षेत्र पर उड़ते देखना चाहते हैं जो वर्तमान व्यवस्था के चलते असंभव सा लग रहा है। आप पाठकगण प्रश्न करेंगे यह कैसी बात कर रहे हैं आप। टेलीविजन और अखबार तो विकसित भारत के बड़े - बड़े विज्ञापन दिखा रहे हैं और हर पार्टी की सरकार अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के बारे में बताते हुए वाह वाही लूटने का मौका नहीं चूकती। यहां हम वास्तविक विकास एवं ग्रा...

👤 शमशेर भालू खान

📍 कायमखानी बस्ती सहजुसर ,चूरू राजस्थान Pin :-331001

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