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शक संपत्ति,विवाद और परिवार की समाप्ति

    शक,संपत्ति विवाद, और परिवार की समाप्ति

                  पूनाराम का जला हुआ घर 
जोधपुर जिले के मेहराराम (मानसिक विमंद जो पूनाराम के साथ रहता था ) भैराराम (हत्यारे पप्पू राम का पिता) और पूनाराम बेरड़ तीन भाई थे।
           बड़ा भाई मेहरराम मानसिक विक्षिप्त
                   मझला भाई भैराराम 

                      छोटा भाई पूनाराम
जो ओसियां कस्बे के चोराई (रामनगर) गांव के निकट गंगानियों की ढाणी में निवास करते थे। दोनो की ढाणी 200 मीटर के अंतराल पर थी।
दोनों भाइयों में जमीन से संबंधित विवाद काफी समय से चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने का गांव वालों ने प्रयास किया पर भैराराम नहीं माना। इस अड़ियलपन के कारण गांव ने उनका बहिष्कार कर रखा था।
परन्तु पूनाराम ने अपनी दो पुत्रियों और एक पुत्र की शादी में समझौता कर शामिल किया।
कुछ महीने पहले पप्पू राम उम्र 20 साल (पूना राम के बड़े भाई का लड़का) के भाई राजाराम ने प्रेम प्रसंग के चलते एक पेड़ से लटक कर सूरत (गुजरात) में आत्महत्या कर ली। भैराराम और उसका परिवार मानता था कि उसके भाई की हत्या पूनाराम ने करवाई है और बदले की फिराक में था। इस मामले में दोनों घरों में आपस में कई बार झगड़ा हो चुका है।
19 जुलाई 2023  की रात को चार बजे पचपन वर्षीय पूनाराम,पचास साल की उस की पत्नी,चोबीस वर्षीय बहु धापू (पूनाराम के पुत्र रेनवतराम की पत्नी) और छः माह की पोती मनीषा बाहर सो रहे थे की पप्पू राम परिवार के सदस्य ने चाचा, चाची,भाभी और भतीजे को कुल्हाड़ी से काट कर मार डाला।
                       मृतक परिवार
        पूनाराम के घर के सदस्यों के जले शव 

पूना राम के दोनों बेटे हरजीराम और रेवतराम घर पर नहीं थे।
मारने के बाद चारों को घसीट कर झोंपड़े में डाल दिया गया।
चंवरे नुमा झोंपड़े में पहले सब पर केरोसिन डाला और आग लगा दी गई और सब जल कर खाक हो गये।
विभत्सनाक बात यह है कि शिशु को चूल्हे से निकाला गया।
            हत्यारा पपपुराम बेरड़ उम्र 20 साल

समाज में व्याप्त वैमनस्य की यह कहानी इंसान के मन को उद्वेलित कर देती है। धन जीवन के लिये आवश्यक है पर धन संपदा के लिये अपने ही खून को बहाना रक्त पपासुओं का काम ही हो सकता है।
आज शिक्षा से ज्यादा संस्कार की आवश्यकता है जिस से व्यक्ति संयमित और संतोषी जीवन के लिये तैयार हो सके।
हमारी हार्दिक संवेदनाएं समाज की स्माजियत के मरने पर और संस्कार विहीन संतान के जन्म पर।

ऐसी ही एक घटना मेरे गांव में दो साल पहले कायमखानी (मुस्लिम) समाज में बुधे खान के परिवार के साथ घटित हो चुकी है जिसमें सगे भाई उम्मेद खान के पुत्र शाहरुख खान ने ताया की पत्नी रहीसा बानो और भाभी आसमीन बानो को छुरी से गला रेत कर मार डाला।

शमशेर भालू ख़ान
चूरू

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