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कांग्रेस कांग्रेस कांग्रेस

       कांग्रेस       कांग्रेस         कांग्रेस

देश की खातिर अंग्रेजों से लगा जी जान लड़ी कांग्रेस 
ब्रिटिशों के सामने पहाड़ सी सीना तान खड़ी कांग्रेस।

गांधी पटेल नेहरू सुभाष की जनक कांग्रेस
भारत मां के मस्तक पर हीरा सी जड़ी कांग्रेस।

भारत का इतिहास बिन कांग्रेस के अधूरा है
कांग्रेस की नींव पर समृद्धि का सपना पूरा है।


नेहरू ने देश के औद्योगिकरण की बुनियाद रखी
नारा आराम हराम का जनता ने बात याद रखी।

सन 1947 में उत्पादन का स्तर शून्य था
आगे बढ़ते भारत में नेहरू का योगदान  अक्षुण्य था।

आवश्यक था बुनियादी ढांचे को खड़ा करना
लूट से आहत हिंद के अस्तित्व को बड़ा करना।

स्वतंत्र सार्वजनिक निजी उद्योग, कृषि का विकास हुआ
पंचवर्षीय योजनाओं से गरीबी का विनाश हुआ।

योजना आयोग के गठन से नियोजित आगे बढ़े
टाटा, टिस्को, इसरो, भेल, रेल के दम सीढ़ियां चढ़े।

राउरकेला, दुर्गापुर बोकारो और भिलाई
इस्पात उत्पादन में हमें सफलता दिलाई।

कृषि को बढ़ाने भाखड़ा, नांगल, हीराकुंड, दामोदर घाटी 
बने बांध विशाल उपजाए सोना अपनी माटी। 

बड़े पोत विहंगम अपने खड़े बीच समंदर हैं
नेहरू कहते इसे आधुनिक भारत के मंदर हैं।

शिक्षा, विज्ञान, IIT, IIM, AIIMS और परमाणु ऊर्जा आयोग
इन्हीं योजनाओं के कारण हम आज करते है सुविधा उपयोग।

परमाणु आयोग, संयंत्र, ताप और पन बिजली, नहर
बढ़े आगे गांव हमारे और बढ़ते ही गए शहर।

पाकिस्तान से मुकाबला और नारा जय जवान
हरित क्रांति से लाल बहादुर का उद्बोधन जय किसान।

इंदिरा युग देश के विकास का स्वर्ण काल है
मुल्क की ओर आंख उठा ले किसकी मजाल है।

साम्राज्यवाद के काले उसने मुखड़े किए
पाकिस्तान के आयरन लेडी ने दो टुकड़े किए।


कड़े आर्थिक फैसले और सामाजिक सुधार हुआ
बैंकों के राष्ट्रीयकरण से पूंजीवाद पर प्रहार हुआ।

 हरित क्रांति से देश आत्मनिर्भर खाद्यान्न के लिए
अब नागरिक नहीं भटकेगा दर - दर अन्न के लिए।
 
सन 75 में अंतरिक्ष में उपग्रह आर्यभट्ट' प्रक्षेपित था
परमाणु परीक्षण हमने किया जो अपेक्षित था।

गरीबी हटाओ,  सामाज कल्याण की योजना
20 सूत्री कार्यक्रम से फैली चहुं ओर ज्योत्सना।

मेरी मृत्यु पर खेतों में राख छिड़कने का उद्बोधन
समाजवादी धर्मनिरपेक्ष राज्य 42वाँ संशोधन।

पोखरण में स्माइलिंग बुद्धा में डंके थे
थे कलाम वहां रणबांकुरे रणबंके थे।

अंतरिक्ष से राकेश शर्मा कहे सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा
इसरो के राकेटों से माने लोहा सारा जहां हमारा।

गांधी परिवार ने भारत के खेत खून से सींचे थे
इंडिया की इंदिरा के सपने भारत उत्थान के ऊंचे थे।

राजा और रंक एक अब नहीं कोई उपाधि होगी
इंदिरा के राज में प्रीविपर्स की समाधि होगी।
 
राजीव युग भारत में तकनीकी क्रांति का दौर हुआ
ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड का चर्चा चहुं ओर हुआ।

कंप्यूटर और टेलीकॉम में C-DOT की स्थापना इधर 
टेलीफोन, टेलीविजन हर घर हर हाथ को कंप्यूटर।

सन 86 की सैनिक, नवोदय विद्यालयों शुरुआत हुई
शिक्षा नीति में हर नागरिक शिक्षित होने की बात हुई।

पंचायती राज की नींव गांवों की सरकार हो
सशक्त स्थानीय निकाय का वचन साकार हो।

मतदान की आयु 21 से घटा के 18 वर्ष हुई
युवा पीढ़ी को नई राह मिली वो सहर्ष हुई।

सन 91 में नरसिम्हा राव का कार्यकाल खास था
पांच रुपए पाव है भिंडी का उच्छवास था।

बिगड़ती अर्थव्यवस्था के कारण रखा गिरवी सोना
संभाला इसे मनमोहन ने नहीं रोया कोई रोना।

LPG, उदारीकरण, निजीकरण और 
लाइसेंस राज का अंत 
विदेशी निवेश और वैश्वीकरण से सूखे लोकतंत्र में बसंत।

दरवाजे खुले तरक्की के शेयर बाजार में सुधार हुआ
SEBI को वैधानिक दर्जा, सुविधा निवेशक का अधिकार हुआ।

लुक ईस्ट पॉलिसी से शार्क देशों से व्यापार 
अपना पैसा अपना क्षेत्र का संचित संव्यवहार।

मनमोहन जी ने दिए अनेकों उपहार हमें
क्यों नहीं मानना चाहिए कांग्रेस का आभार हमें।

4 से 14  का दौर अधिकार आधारित कानून बने
शिक्षा, चिकित्सा, खाद्यान्न, नरेगा जैसे कानून बने।

सूचना का अधिकार, सरकार में भ्रष्टाचार का हल
समता आधारित समाज, काम का मिले फल।

शिक्षा का अधिकार बालक के लिए हर हाल में
अशिक्षित न रहे कोई भारतीय अगले 25 साल में।

भारत अमेरिका परमाणु समझौता ऊर्जा की जरूरत थी
गारंटी से बिजली हर घर में पहुंचानी हर सूरत थी।

भारत ने इस दौर में लगातार GDP 8-9% तक पहुंची 
खाते में सब्सिडी DBT से लाभार्थी तक पहुंची।

पैसा सीधे बैंक खातों में भेजने की शुरुआत हुई
कृषि प्रधान से औद्योगिक अर्थव्यवस्था की शुरुआत हुई।

वैश्विक स्तर पर पांचवीं आर्थिक शक्ति में हम शुमार हुए
आधारभूत संरचना, अंतरिक्ष अनुसंधान, IT में सरदार हुए।

जिगर कोसने वाले कांग्रेस को उसका बनाया बेचते हैं वो
कांग्रेस, कांग्रेस के नारे संग लंबी लंबी फेंकते हैं वो।

#जिगर_चूरूवी

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