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कसवां परिवार चूरू की चुनाव एफिडेविट के आधार पर संपत्तियों का तुलनात्मक विवरण

चुनावी हलफनामों में दर्ज कस्वां परिवार की संपत्ति: तीन पीढ़ियों का दस्तावेजी लेखा-जोखा
चूरू, 3 नवंबर सार्वजनिक चुनावी शपथ-पत्रों एवं ADR/MyNeta अभिलेखों पर आधारित शोध रिपोर्ट - 
कुछ तथ्य - 
संपत्ति में वृद्धि, पारिवारिक ऋण और व्यावसायिक निवेश के सार्वजनिक रिकॉर्ड का तुलनात्मक अध्ययन।
1. संपत्ति में वृद्धि - 
(क) वर्ष 2013 से 2018 के बीच रामसिंह कसवां की संपत्ति मे - 252.5% वृद्धि।
(ख) कमला कस्वां के 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावी हलफनामों के अनुसार उनकी संपत्ति में 143% वृद्धि।
(ग) वर्ष 2014 से 2024 के बीच घोषित संपत्ति में लगभग ₹2.76 करोड़ की वृद्धि हुई जो 107.3 % है।
2. परिवार के भीतर आर्थिक लेनदेन - 
(क) कमला कस्वां का 2013 का हलफनामा - इसमें राहुल कस्वां को 25 लाख का व्यक्तिगत ऋण दिया जाना दर्शाया गया है।
(ख) रामसिंह कस्वां का 2018 का हलफनामा - इसमें कमला कस्वां से 9.90 लाख तथा दीपचंद कस्वां से 1.50 लाख की देनदारी दर्ज है। हलफनामे में कुल देनदारियां 32,41,583 बताई गई हैं।
(ग) राहुल कस्वां का 2024 का हलफनामा -  
अ - कमला कस्वां से स्वयं के नाम 13,16,747 का ऋण।
ब - कमला कस्वां से पत्नी के नाम 9 लाख का ऋण।
स - रामसिंह कस्वां से HUF के नाम 20 लाख का ऋण।
द - स्वयं राहुल कस्वां से HUF के नाम 43,28,437 का ऋण।
3. बालाजी सर्विस स्टेशन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान - 
कमला कस्वां ने 2013 के हलफनामे में बालाजी सर्विस स्टेशन में 5,10,109 के निवेश का उल्लेख किया है।
रामसिंह कस्वां के 2018 के हलफनामे में उनकी पत्नी की चल संपत्ति के अंतर्गत बालाजी सर्विस स्टेशन में 13,80,508 का निवेश दर्ज है।
दोनों हलफनामों में इस कारोबारी नाम का उल्लेख महत्वपूर्ण है। हालांकि इन दोनों आंकड़ों को सीधे जोड़ना या इनके बीच की वृद्धि को लाभ अथवा आय मान लेना उचित नहीं होगा।

नोट - 
1. ये आंकड़े चुनाव के समय दिए गए स्वघोषित शपथ-पत्रों के हैं। इन्हें वर्तमान संपत्ति या संपत्ति का बाजार मूल्य अलग हो सकता है।
2. अलग-अलग वर्षों के आंकड़ों की सीधी तुलना से वर्तमान संपत्ति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इस अध्ययन में स्वर्गीय दीपचंद कस्वां, रामसिंह कस्वां, कमला कस्वां और राहुल कस्वां की घोषित संपत्तियों, कृषि भूमि, आवासीय संपत्तियों, चल संपत्तियों, देनदारियों तथा समय के साथ संपत्ति में हुई वृद्धि का परीक्षण किया गया है।
चारों व्यक्तियों का पारिवारिक एवं राजनीतिक संबंध - 
कालरी गांव से संबंध रखने वाले इस परिवार ने बस परिवहन व्यवसाय से अपनी आर्थिक एवं सामाजिक पहचान स्थापित की। कालांतर में परिवार का राजनीतिक प्रभाव भी विस्तृत हुआ। भाजपा और बाद में कांग्रेस से जुड़ी इसकी राजनीतिक यात्रा चूरू की राजनीति के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण विषय है। इस परिवार का वर्चस्व राजथान के 11 जिलों की राजनीति पर स्थापित है जिसका उदाहरण ताजा लोकसभा चुनावों में हम देख चुके हैं। इस परिवार की रिश्तेदारी धनखड़ परिवार से भी है। पूर्व विधायक शीशराम पूनिया भी इसी परिवार से रिश्तेदारी में जुड़े हुए थे।
व्यावसायिक रिकॉर्ड - बालाजी सर्विस स्टेशन तथा BPCL डीलरशिप।
स्वर्गीय दीपचंद कस्वां - रामसिंह कस्वां के पिता एवं सादुलपुर के पूर्व विधायक।
रामसिंह कस्वां - दीपचंद कस्वां के पुत्र, पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक।
कमला कस्वां - रामसिंह कस्वां की पत्नी, पूर्व विधायक।
राहुल कस्वां - रामसिंह एवं कमला कस्वां के पुत्र, चूरू से 2024 में निर्वाचित सांसद।
मुख्य व्यवसाय - कृषि, बस संचालन, पेट्रोल पंप और बालाजी ट्रेडिंग कंपनी।
परिवार की घोषित संपत्ति का तुलनात्मक विवरण (शपथ पत्र के अनुसार - 
राशि     -          चुनावी वर्ष 
रुपये में
नाम - चुनावी वर्ष - कुल संपत्ति -  देनदारी 
रामसिंह कस्वां - 2018 - 9,65,96,809 - 32,41,583
कमला कस्वां - 2013 - 5,31,82,726 - 7,90,253
राहुल कस्वां - 2024 - 5,33,22,989 - 2,44,17,448
दीपचंद कस्वां - उपलब्ध नहीं - सत्यापित आंकड़ा नहीं- उपलब्ध नहीं
स्रोत - ADR/MyNeta के चुनावी हलफनामे के अनुसार।
रामसिंह कस्वां की संपत्ति का विश्लेषण (2018) - 
संपत्ति का प्रकार - घोषित मूल्य
चल संपत्ति - 0,74,72,809
कृषि भूमि -  2,15,00,000
गैर-कृषि भूमि - 2,99,24,000
आवासीय भवन - 3,77,00,000
कुल - 9,65,96,809
अचल संपत्तियों का विवरण - 
1. राजगढ़, चूरू में - 1.81 एकड़ कृषि भूमि
2. हरियाणा के भिवानी क्षेत्र के मटानी में 3.16 एकड़ कृषि भूमि
3. राजगढ़ में 10.57 एकड़ कृषि भूमि पत्नी के नाम
4. रतनगढ़ में 4.87 एकड़ कृषि भूमि पत्नी के नाम
5. राजगढ़ में 90-B रूपांतरित आवासीय भूमि, जिसका घोषित मूल्य ₹2.91 करोड़
6. सुजानगढ़ के बोबासर में 22,500 वर्गफुट गैर-कृषि भूमि
7. सादुलपुर में आवासीय संपत्तियां तथा भिवाड़ी में आवास।
विशेष तथ्य - शपथ-पत्र में स्वयं के नाम 6.58 करोड़ और पत्नी के नाम 2.33 करोड़ की अचल संपत्ति दर्शाई गई है।
देनदारियां - 
1. बैंक SBI का भिवाड़ी मकान पर ऋण - 21,01,583 रूपये 
2. पत्नी कमला कस्वां से ऋण 9,90,000
3. पिता दीपचंद कस्वां से ऋण - 150000 रुपए 
कुल देनदारियां -32,41,583
यहां परिवार के भीतर आर्थिक लेन-देन उल्लेखनीय है।
कमला कस्वां की संपत्ति का विश्लेषण - 2008 और 2013 दोनों के आंकड़े
जिसमें अति वृद्धि उल्लेखनीय है।
विवरण  - 2008 -  2013
चल संपत्ति - 12,83,517 - 97,72,784
अचल संपत्ति - 2,06,00,479 - 4,34,09,942
कुल संपत्ति - 2,18,83,996 - 5,31,82,726
देनदारियां - 2,74,348 - 7,90,253
पांच वर्षों में घोषित संपत्ति में वृद्धि - 
• 2008 में: लगभग ₹2.19 करोड़
• 2013 में: लगभग ₹5.32 करोड़
अंतर - 3.13 करोड़
प्रतिशत वृद्धि - 143%
वर्ष 2013 के हलफनामे में कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि और भवनों के अतिरिक्त अन्य संपत्तियां भी दर्ज हैं। अचल संपत्ति का मूल्य स्वयं के नाम 1.73 करोड़ और पति के नाम 2.61 करोड़ से अधिक दर्शाया गया है।
नोट - ध्यान देने योग्य बात यह है कि कमला कस्वां के 2013 के हलफनामे में अपने पति रामसिंह कस्वां को सांसद के रूप में भी दर्शाया है। इसलिए इसे परिवार की संपत्ति के संदर्भ में और अधिक पढ़ना अधिक उचित होगा।
राहुल कस्वां की संपत्ति का विश्लेषण हलफनामे के अनुसार- 
चुनाव वर्ष - घोषित संपत्ति - देनदारियां
2014 - 2,57,21,266 - 53,86,104
2019 - 3,67,23,865 - 1,51,63,379
2024 - 5,33,22,989 - 2,44,17,448
2014 से 2024 तक - 
घोषित संपत्ति में वृद्धि - 2,76,01,723
वृद्धि - 107.3 प्रतिशत
देनदारियों में वृद्धि: - 1,90,31,344
राहुल कस्वां की 2024 की संपत्ति - 
अचल संपत्ति - 
श्रेणी -          घोषित मूल्य
कृषि भूमि।         - 1,30,00,000
गैर-कृषि भूमि      - 43,00,000
आवासीय भवन  - 60,00,000
कुल अचल संपत्ति - ₹2,33,00,000
चल संपत्ति - 
श्रेणी - घोषित मूल्य
स्वयं, पत्नी, HUF (हिंदू अविभाजित परिवार जिसे आयकर विभाग में एक करदाता इकाई के रूप में मान्यता दी गई है) एवं आश्रितों की कुल चल संपत्ति - 3,00,22,989
चल संपत्ति में बैंक जमा, निवेश, वाहन, आभूषण और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियां शामिल हैं। दो टोयोटा फॉर्च्यूनर तथा पत्नी के नाम जीप कम्पास भी हलफनामे में दर्ज हैं।
2024 की देनदारियों में महत्वपूर्ण तथ्य - 
राहुल कस्वां के 2024 के हलफनामे में कुल 2,44,17,448 की देनदारियां दर्ज हैं। इनमें - 
1. वाहन ऋण - 33,78,555
2. माता कमला कस्वां से स्वयं के नाम ऋण - 13,16,747
3. कमला कस्वां से पत्नी के नाम ऋण - 9,00,000
4. रामसिंह कस्वां से HUF के नाम ऋण - 20,00,000
5. स्वयं राहुल कस्वां से HUF के नाम ऋण - 43,28,437
6. इसके अलावा अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं के प्रति भी देनदारियां दर्ज हैं।
विशेष - परिवार के सदस्यों के बीच ऋण एवं वित्तीय लेन-देन का उल्लेख एक से अधिक हलफनामों में मिला है। इनका मिलान किए बिना परिवार की कुल संपत्ति या कुल कर्ज का सही आंकड़ा निकालना संभव नहीं है।
स्वर्गीय दीपचंद कस्वां के संबंध में उपलब्ध जानकारी - 
स्वर्गीय दीपचंद कस्वां रामसिंह कस्वां के पिता और सादुलपुर के पूर्व विधायक थे। ADR की 2024 की वंशानुगत राजनीतिक पृष्ठभूमि संबंधी रिपोर्ट में भी उनका उल्लेख है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनके स्वयं के नाम से दाखिल ऐसा चुनावी संपत्ति हलफनामा नहीं मिला जिससे उनकी कुल संपत्ति का विश्वसनीय आंकड़ा अवलोकित किया जा सके।
एक दस्तावेजी तथ्य - रामसिंह कस्वां के 2018 के हलफनामे में दीपचंद कस्वां से 1,50,000 का ऋण दर्शाया गया है।
चारों नेताओं के मध्य आर्थिक लेनदेन की पड़ताल - 
इस शोध में तीन विशेष बिंदु सामने आए हैं 1. परिवार के अंदर ऋण - 
A. वर्ष 2018 में रामसिंह कस्वां के हलफनामे में कमला कस्वां और दीपचंद कस्वां से ऋण का उल्लेख है।
B. वर्ष 2024 में राहुल कस्वां के हलफनामे में भी कमला कस्वां और रामसिंह कस्वां से संबंधित ऋण दर्ज हैं।
2  संपत्ति का स्वामित्व - 
A. रामसिंह कस्वां के वर्ष 2018 के हलफनामे में पत्नी के नाम पर कृषि भूमि और आवासीय संपत्ति दर्ज है। 
B. राहुल कस्वां के 2024 के हलफनामे में पत्नी तथा HUF के नाम पर भी परिसंपत्तियां दर्ज हैं।
3. संपत्ति और कर्ज दोनों में वृद्धि - 
राहुल कस्वां की संपत्ति 2014 से 2024 के बीच बढ़ी है, लेकिन इसी अवधि में उनकी घोषित देनदारियां भी बढ़ी।
इन तथ्यों से वित्तीय संबंधों की जांच की आवश्यकत है, लेकिन यह अपने आप में किसी गलत लेन-देन का प्रमाण नहीं हैं।
तुलनात्मक निष्कर्ष - 
व्यक्ति - उपलब्ध हलफनामा - संपत्ति - देनदारी 
रामसिंह कस्वां - 2018 - 9.66 करोड़ - 32.42 लाख
कमला कस्वां - 2013 - 5.32 करोड़ - 7.90 लाख
राहुल कस्वां - 2024 - 5.33 करोड़ - 2.44 करोड़
दीपचंद कस्वां - उपलब्ध नहीं - अज्ञात - अज्ञात
इन आंकड़ों से किसी एक मद पर पूरे परिवार की संपत्ति निर्धारित नहीं की जा सकती। अलग-अलग वर्षों के हलफनामों में पति-पत्नी, HUF और आश्रितों की परिसंपत्तियां शामिल हैं। इन्हें जोड़ने से दोहरी गणना हो सकती है।
मेरी अंतिम टिप्पणी - 
विशेष रूप से ₹9.66 करोड़ की 2018 की संयुक्त घोषित संपत्ति, कमला कस्वां की 2008 से 2013 के बीच संपत्ति में लगभग 143 प्रतिशत वृद्धि और राहुल कस्वां की 2014 से 2024 के बीच संपत्ति में लगभग 107 प्रतिशत वृद्धि आगे के शोध का विषय हैं।
प्रमुख मूल स्रोत - 
1. [रामसिंह कस्वां का 2018 चुनावी हलफनामा](https://www.myneta.info/rajasthan2018/candidate.php?candidate_id=3321&utm_source=chatgpt.com)
2. [कमला कस्वां का 2013 चुनावी हलफनामा](https://myneta.info/rajasthan2013/candidate.php?candidate_id=196&utm_source=chatgpt.com)
3. [कमला कस्वां का 2008 चुनावी हलफनामा](https://www.myneta.info/rj2008/candidate.php?candidate_id=131&utm_source=chatgpt.com)
4. [राहुल कस्वां का 2024 चुनावी हलफनामा](https://www.myneta.info/LokSabha2024/candidate.php?candidate_id=395&utm_source=chatgpt.com)
5. [राहुल कस्वां की 2019 एवं 2024 संपत्ति तुलना](https://www.myneta.info/LokSabha2024/index.php?action=affidavitComparison&id1=395&id2=11536&myneta_folder2=LokSabha2019&utm_source=chatgpt.com)
6.  [ADR की राजनीतिक वंशावली संबंधी रिपोर्ट](https://www.adrindia.org/sites/default/files/Analysis_of_Sitting_MPs_and_MLAs_who_have_dynastic_background_Finalver_English_Updated.pdf?utm_source=chatgpt.com)
कस्वां परिवार की तीन पीढ़ियां - चुनावी हलफनामों में दर्ज संपत्ति का लेखा-जोखा  संपत्ति में करोड़ों की वृद्धि हुई है।
यह रिपोर्ट किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सार्वजनिक दस्तावेजों में दर्ज तथ्यों को सामने रखने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
निष्कर्ष - आंकड़े सवाल उठाते हैं, जवाब दस्तावेज देंगे कस्वां परिवार के उपलब्ध चुनावी हलफनामों में संपत्ति की वृद्धि के साथ पारिवारिक ऋण और व्यावसायिक निवेश के विवरण भी दर्ज हैं।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की संपत्ति और आर्थिक पारदर्शिता सार्वजनिक महत्व का विषय है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि उसके प्रतिनिधियों ने चुनावी हलफनामों में क्या घोषित किया है।
इसलिए हमारा उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करना है।

#जिगर_चूरूवी 

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