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अनंता प्रोजेक्ट - सरकार और विपक्ष में तीखी तकरार...

अनंता रिसॉर्ट प्रकरण - वर्तमान एवं पूर्व मुख्यमंत्री के बीच तीखी तकरार व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंची - 
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, दोनों के बीच तीखी तकरार अब व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंची...
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु - 
01. 14 फरवरी की निवेश बोर्ड बैठक, 27 मार्च के सरकारी आदेश और उसी दिन हुई विला रजिस्ट्रियां शक के घेरे में.....
02. 3 नवंबर को IAS शिखर अग्रवाल और IPS प्रशाखा माथुर से सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया।
03. SIT जांच की जगह CBI जांच क्यों नहीं ?
04. मुख्यमंत्री भजनलाल जी के द्वारा लगाए गए आरोप किन तथ्यों पर आधारित?
05. शक की सुई - 
 (I) IAS शिखर अग्रवाल
(II) IPS प्रशाखा माथुर
(III) उद्योग मंत्री
(IV) उद्योग सचिव
(V) वित्त मंत्री
(VI) वित्त सचिव 
(VII) गोयल फैशंस, जयपुर
(VII) मुख्यमंत्री भजनलाल सवालों के घेरे में........
आईए विश्लेषण करते हैं -
अनंता रिसॉर्ट प्रकरण - 
इस प्रकरण में वित्त विभाग द्वारा कंपनी को 115 करोड़ का विशेष पैकेज दिया गया।
इस प्रोजेक्ट में 40 विला की खरीद और सत्ता के शीर्ष तक पहुंचते सवाल - 
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जवाब मांगता राजस्थान, स्वतंत्र जांच की मांग ने पकड़ा जोर - 
राजस्थान की राजनीति में इन दिनों अनंता रिसॉर्ट प्रकरण ने एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मामला केवल एक वरिष्ठ IAS अधिकारी और उनके परिवार द्वारा रिसॉर्ट में विला खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार सरकारी निवेश प्रोत्साहन, विशेष आर्थिक पैकेज, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।
इस प्रकरण में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग शिखर अग्रवाल और उनके परिवार द्वारा अनंता ब्रांड के अंतर्गत संचालित रिसॉर्ट में विला खरीदने तथा उसी कंपनी को राजस्थान सरकार द्वारा लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर विशेष पैकेज दिए जाने के तथ्य सामने आए हैं।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 
1. क्या सरकारी पद और प्रभाव का इस्तेमाल किसी निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया? 
2. क्या विला खरीद और सरकारी रियायतों के बीच कोई अनुचित संबंध था?
03 यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
क्या इन सवालों के निष्पक्ष उत्तर और दस्तावेज-आधारित जांच संभव है - 
115 करोड़ रुपये का विशेष निवेश पैकेज - 
मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS-2019) के अंतर्गत अलवर जिले के अजबगढ़ में होटल एवं रिसॉर्ट परियोजना के लिए 27 मार्च 2026 को विशेष निवेश पैकेज दिया गया। इस परियोजना में न्यूनतम 115 करोड़ रुपये के निवेश तथा 241 लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव था।
पैकेज के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं - 
• 10 वर्षों तक जमा राज्य कर की 75 प्रतिशत राशि के बराबर निवेश सब्सिडी।
• 10 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 100 प्रतिशत छूट।
• RIPS-2019 के अंतर्गत पात्रता लाभ।
इस आदेश में निवेश और रोजगार संबंधी निर्धारित शर्तें पूरी नहीं होने पर लाभ ब्याज सहित वापस वसूलने का प्रावधान है।
14 फरवरी की बैठक और मुख्यमंत्री की भूमिका - 
अमर उजाला ने 29 अक्टूबर 2026 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की जिसके अनुसार, इस विशेष पैकेज को 14 फरवरी 2026 को आयोजित निवेश बोर्ड की छठी बैठक में स्वीकृति दी गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किए जाने का उल्लेख है जो राजनीतिक विवाद का बड़ा आधार है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस परियोजना को विशेष पैकेज देने का निर्णय लिया गया, राजस्थान की जनता को यह जानने का अधिकार है कि 
• प्रस्ताव किस विभाग ने प्रस्तुत किया 
• किस समिति ने परीक्षण किया और 
• निर्णय किन आधारों पर लिया गया।
•  इस प्रस्ताव के संबंध में मुख्यमंत्री की क्या राय रही
• क्या उन्हें संबंधित अधिकारी तथा कंपनी के बीच संपत्ति खरीद के संबंध की कोई जानकारी थी।
•  बैठक के कार्यवृत्त, अनुमोदन और संबंधित सरकारी फाइल में क्या अंकित किया गया
एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने का मामला - 
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिखर अग्रवाल और उनके परिवार ने उदयपुर के बुझड़ा तथा अलवर के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में कुल 40 विला-कॉटेज खरीदे। इन संपत्तियों की कुल खरीद कीमत लगभग 6.16 करोड़ रुपये बताई गई। इस खरीद के बाद इन संपत्तियों को संबंधित कंपनी को लीज पर दिया गया और उनसे लगभग 1.80 करोड़ रुपये वार्षिक लीज आय का उल्लेख किया गया।
शिखर अग्रवाल ने संपत्तियां खरीदने की पुष्टि करते हुए कहा था कि इनका विवरण उनके अचल संपत्ति विवरण और रिटर्न में दिया गया है।
27 मार्च 2026 - संयोग या .....
इस प्रकरण में एक प्रश्न तारीखों के मेल से भी पैदा हुआ है। एक ओर 27 मार्च 2026 को गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी हुआ, दूसरी ओर उसी तारीख को अलवर के अजबगढ़ रिसॉर्ट में 20 विला की रजिस्ट्री हुई जो शक को ओर बढ़ाती हैं।
जांच में स्पष्ट किया जाना चाहिए कि - 
1. विला खरीद का समझौता कब हुआ?
2. रकम का भुगतान कब और किस माध्यम से हुआ?
3. कंपनी को सरकारी पैकेज की स्वीकृति की जानकारी संबंधित खरीदारों को कब और कैसे मिली?
4. क्या संपत्तियों का मूल्य बाजार मूल्य के अनुरूप था?
5. क्या सरकारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में किसी प्रकार का हितों का टकराव था?
एसीबी की जांच - मामला प्रारंभिक आरोपों से आगे - 
30 अक्टूबर 2026 को राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के अंतर्गत शिखर अग्रवाल के विरुद्ध विस्तृत जांच अभियोग हेतु पूर्वानुमोदन दिया।
एसीबी की प्रारंभिक जांच में कथित रूप से निम्न बिंदु सामने आए - 
• गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित लाभ पहुंचाने की आशंका।
• रिसॉर्ट निर्माण संबंधी शर्तों में कथित छूट।
• आवश्यक प्रमाणपत्रों की जांच के बिना स्वीकृतियां दिए जाने के आरोप।
• अधिकारी और उनके परिजनों द्वारा विला खरीदने में बाजार मूल्य से कम भुगतान की आशंका।
• आय से अधिक संपत्तियों की संभावित जांच।
एसीबी महानिदेशक के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारियों, कंपनी के निदेशकों और अन्य लोगों की भूमिका की प्रारंभिक एवं विस्तृत जांच की जारी है।
3 नवंबर का घटनाक्रम - अधिकारियों से जवाब तलब - 
3 नवंबर 2026 को कार्मिक विभाग ने IAS शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
• एसीबी ने कंपनी, उद्योग विभाग, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण मंडल से रिकॉर्ड मांगे हैं।
• उदयपुर और अलवर के पंजीयन कार्यालयों से संपत्तियों की खरीद और रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेज तलब किए गए हैं।
• भूमि रूपांतरण तथा संबंधित अनुमतियों की पड़ताल जारी है।
• गोयल फैशंस को स्वीकृत विशेष निवेश पैकेज के लाभ फिलहाल रोक दिए गए हैं।
यह घटनाक्रम बताता है कि प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जोधपुर भाषण और अशोक गहलोत का पलटवार - 
3 नवंबर को जोधपुर में आयोजित भाजपा के लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखे व्यक्तिगत एवं राजनीतिक आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने, परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति करने तथा किसानों के मुद्दों पर सवाल उठाए।
उन्होंने गहलोत के पूर्व कार्यकाल से जुड़े खाद-बीज कारोबार और अन्य कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया।
दूसरी ओर, अशोक गहलोत ने अनंता रिसॉर्ट प्रकरण में मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की।
गहलोत का तर्क है कि जब संबंधित निवेश बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की तब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी की आवश्यकता है।
इस प्रकार राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण संस्थागत सवाल भी खड़ा हो गया है।
मुख्यमंत्री से पांच सीधे सवाल - 
इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को निम्न सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए - 
01.  क्या 14 फरवरी 2026 की निवेश बोर्ड बैठक में गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के 115 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को विशेष पैकेज देने का निर्णय हुआ था? 
यदि हां, तो बैठक का कार्यवृत्त सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता?
02. क्या मुख्यमंत्री को यह जानकारी थी कि संबंधित कंपनी के संचालकों से तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल और उनके परिवार ने विला-कॉटेज खरीदे थे?
03.  क्या कंपनी को विशेष आर्थिक पैकेज देने की प्रक्रिया में शिखर अग्रवाल की कोई प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष भूमिका थी? 
यदि थी, तो क्या उन्होंने अपने निजी हितों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी?
04. जब एसीबी मुख्यमंत्री के अधीन राज्य सरकार की एजेंसी है और जांच में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले बोर्ड के निर्णय की भी पड़ताल अपेक्षित है, तो स्वतंत्र जांच एजेंसी (CBI) से जांच कराने में सरकार को क्या आपत्ति है?
05. क्या सरकार इस पूरे प्रकरण की जांच के निष्कर्ष, संबंधित सरकारी आदेश, निवेश बोर्ड का कार्यवृत्त और वित्तीय लाभों का विवरण जनता के सामने रखने को तैयार है?
निष्पक्ष जांच के लिए सार्वजनिक किए जाने चाहिए ये दस्तावेज - 
इस प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निम्न दस्तावेजों का परीक्षण और जहां तक कानून अनुमति दे, उनका सार्वजनिक प्रकटीकरण आवश्यक है - 
01. 14 फरवरी 2026 की निवेश बोर्ड बैठक का एजेंडा और कार्यवृत्त।
02. गोयल फैशंस का मूल निवेश प्रस्ताव।
03. उद्योग विभाग की परीक्षण रिपोर्ट।
04. विशेष पैकेज की अनुशंसा और अनुमोदन की फाइल।
05. 27 मार्च 2026 का वित्त विभाग का आदेश।
06. संबंधित विला-कॉटेज की रजिस्ट्री और भुगतान का रिकॉर्ड।
07. अधिकारियों के अचल संपत्ति विवरण।
08. लीज अनुबंध और उससे प्राप्त आय का लेखा।
09. एसीबी की प्रारंभिक जांच का निष्कर्ष।
10. कंपनी को स्वीकृत सरकारी लाभों पर रोक लगाने का आदेश।
निष्कर्ष - 
सत्ता से सवाल पूछना लोकतंत्र में जनता का अधिकार है, अनंता रिसॉर्ट प्रकरण राजस्थान में प्रशासनिक पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही की एक महत्वपूर्ण परीक्षा बनता जा रहा है।
यदि किसी अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करके किसी निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
यदि किसी निजी कंपनी ने अनुचित तरीके से सरकारी रियायतें प्राप्त की हैं, तो उन रियायतों की वैधानिकता की जांच होनी चाहिए। और यदि किसी राजनीतिक या प्रशासनिक पदाधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो जांच की कसौटी सभी के लिए समान होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी यह अवसर मिलना चाहिए कि वे दस्तावेजों के साथ अपनी और सरकार की स्थिति स्पष्ट करें। विपक्ष के आरोपों को केवल राजनीतिक बयानबाजी कहकर खारिज करना पर्याप्त नहीं है।
इसी प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा लगाए गए आरोपों की भी दस्तावेजों के आधार पर जांच होनी चाहिए।
लोकतंत्र में न मुख्यमंत्री सवालों से ऊपर है, न विपक्ष के नेता और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी।
जनता को राजनीतिक भाषण नहीं, सच्चाई चाहिए। आरोप नहीं, प्रमाण चाहिए। और जांच के नाम पर औपचारिकता नहीं, निष्पक्ष कार्रवाई चाहिए।
हमारा स्पष्ट मत है कि अनंता रिसॉर्ट प्रकरण की जांच ऐसी स्वतंत्र व्यवस्था के तहत होनी चाहिए जिस पर किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव का संदेह न रहे। यदि सब कुछ नियमानुसार हुआ है तो दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और यदि कहीं अनियमितता हुई है तो दोषी चाहे कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाए।
अंतिम टिप्पणी - यह रिपोर्ट 3 नवंबर 2026 तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों एवं प्रकाशित सरकारी कार्रवाई के विवरण पर आधारित है। इसमें वर्णित आरोप जांचाधीन हैं। हमारा उद्देश्य किसी भी व्यक्ति को दोषी घोषित करना या निर्दोष घोषित करना नहीं है।
प्रमुख स्रोत एवं संदर्भ - 
• [आज तक, 30 अक्टूबर 2026: एसीबी जांच और विला खरीद का मामला](https://www.aajtak.in/rajasthan/story/rajasthan-ias-shikhar-agrawal-acb-probe-resort-villa-corruption-allegations-ntc-rlch-rptc-2684567-2026-10-30?utm_source=chatgpt.com)
• [अमर उजाला, 29 अक्टूबर 2026: 115 करोड़ का विशेष निवेश पैकेज](https://www.amarujala.com/rajasthan/jaipur/shikhar-agarwal-bought-villas-at-alwar-resort-same-company-got-special-investment-package-2026-10-29?src=story-related-auto-amp&utm_source=chatgpt.com)
• [एसीबी जांच की स्वीकृति संबंधी प्रकाशित विवरण](https://www.khaskhabar.com/local/rajasthan/jaipur-news/news-detailed-investigation-to-be-conducted-into-corruption-allegations-against-ias-officer-shikhar-agrawal-government-grants-approval-news-hindi-1-857553-KKN.html?utm_source=chatgpt.com)
• [STV News, 3 नवंबर 2026: अधिकारियों से सात दिन में जवाब तलब](https://stvnewsrajasthan.com/jaipur-ias-shikhar-agraval-aur-ips-prashakha-mathur-se-7-din-men-javab-talab/?utm_source=chatgpt.com)
• [ANI: गोयल फैशंस के निवेश लाभ पर रोक](https://newsable.asianetnews.com/india/rajasthan-halts-goyal-fashions-investment-benefits-amid-acb-probe-articleshow-yc1z1v4?utm_source=chatgpt.com)
• [Zee News: जोधपुर में मुख्यमंत्री का भाषण](https://www.zeenews.com/rajasthan/article-cm-bhajan-lal-sharma-targets-congress-over-weakening-democratic-institutions-3415253?utm_source=chatgpt.com)
• [राजस्थान सरकार: RIPS-2024 नीति दस्तावेज](https://rajnivesh.rajasthan.gov.in/images/rips/Policy%20Document.pdf?utm_source=chatgpt.com)

#जिगर_चूरूवी 

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