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उर्दू बाबत

मांग पत्र 
सेवामें श्रीमान ...........
विषय :- उर्दू, पंजाबी, गुजराती,सिंधी, कक्षा 1 से 5 पूर्व की भांति अल्प भाषा विषय शिक्षण हेतु स्वीकृति देने बाबत
महोदय,
उपरोक्त विषय अंतर्गत सादर निवेदन है कि राजस्थान में वर्ष 2016 से पूर्व एक विद्यालय में सभी विषय जो छात्र पढ़ने के इच्छुक होते थे पढ़ाए जाते थे परंतु भाजपा सरकार द्वारा एक विद्यालय एक तृतीय भाषा नियम लागू किया गया जिसके कारण अन्य चार तृतीय भाषाओं के पढ़ने वाले बच्चे प्रभावित हुए।
 1 नवंबर 2020 से शुरू हुई दांडी यात्रा में हुए समझौते के अनुसार स्टाफिंग पैटर्न में संशोधन किया गया जिसके अंतर्गत जिस विद्यालय में कक्षा 06 से 08 में कुल 10 बच्चे किसी तृतीय भाषा के लिये सहमति देते हैं तो वहां पद स्वीकृत होगा।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग द्वारा स्टाफिंग जारी कर दिया गया व माध्यमिक शिक्षा विभाग का स्टाफिंग पैटर्न अभी भी होना शेष है।
अभी तक प्रारंभिक शिक्षा में कक्षा 1 से 5 मुख्यमंत्री जी की बजट घोषणा के अनुसार जिस विद्यालय में कक्षा एक से पांच में पढ़ने वाले या पढ़ने के इच्छुक 20 छात्र होंगे तो वहां पर पद स्वीकृत होगा जिसकी परिणीति अभी तक नहीं की गई है अतः निवेदन है कि 
(1)  सेकेंडरी सेटअप का स्टाफिंग पैटर्न तुरंत लागू किया जाए 
(2) कक्षा 1 से 5 प्रारंभिक कक्षाओं में अल्प भाषा के 20 छात्र जिस जिस विद्यालय में इच्छुक हैं वहां पद स्वीकृत किए जाएं 
(3)जिन विद्यालयों द्वारा इच्छुक छात्र होते हुए भी सही मैपिंग नहीं की गई उनमें पुनः मेपिंग करवाई जाए
(4) दोषी प्रधानाध्यापकों विरुद्ध कार्यवाही की जाए।
(5) जिन विद्यालयों में अभी तक मैपिंग नहीं की गई है वहां मैपिंग करवाई जाए व मैपिंग नहीं करने के दोषी प्रधानाचार्य/ प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।
(6) जहां-जहां अल्पभाषा के छात्र छात्राएं चाहे वह किसी भी भाषा के हो पंजाबी, गुजराती, सिंधी,उर्दू उनकी इच्छा अनुसार उन्हें विषय चुनने का स्वतंत्र अधिकार दिया जाए व प्रधानाध्यापक या अन्य स्टाफ द्वारा दबाव डालकर अन्य भाषा पढ़ने हेतु स्वीकृति ली गई है उसे पुनरीक्षित कर उन्हें मैपिंग करवाई जाए।
(7) भविष्य में 2016 की तरह कोई खिलवाड़ न कर सके इसके पुख्ता इंतजाम किये जावें।
(8) अल्पभाषा की पाठ्यपुस्तक समय पर उपलब्ध करवाई जावें।
आदर सहित

धन्यवाद
                भवदीय

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