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उर्दू बचाओ आंदोलन एक तुलनात्मक अध्ययन

उर्दू बचाओ आंदोलन एक तुलनात्मक विवरण

सन 2016 के स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार किसी एक विद्यालय में एक ही तृतीय भाषा का पद का सिद्धांत दिया गया जिसे 28 मई 2019 की गाइडलाइंन में स्पष्ट कर लागू किया गया।
इस कारण से बहुत से स्कूलों में चल रहे उर्दू विषय को समाप्त कर वहां कार्यरत उर्दू शिक्षकों को L1 पर लगा दिया गया।
5 जुलाई 2019 से शुरू धरने को 27 अक्टूबर 2019 को खत्म करवाया गया जिस में उर्दू के प्रस्ताव बना कर भेजे गये व समझौते के अनुसार शिक्षा निदेशालय के आदेश शिविरा/प्रा शि/संस्थापन/F-6/ 04/ 1319 दिनांक 13 दिसम्बर 2004 को लागू करवाने पर सहमति बनी।

इस आधार पर हर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अल्पभाषा प्रकोष्ठ की स्थापना की गई।

इस समझौते के विरुद्ध श्रीमान सौरभ स्वामी माननीय निदेशक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने एक विद्यालय एक तृतीय भाषा के सिद्धांत को लागू करने का विशेष आदेश निकाला।

इस आदेश के विरोध में 01 नवम्बर 2020 से चूरू से दांडी पैदल यात्रा शुरू की गई ।
8 नवम्बर 2020 को निदेशक महोदय ने 5 सितम्बर 2020 का आदेश प्रत्यहारित कर लिया व उर्दू व अल्पभाषा के संबन्ध में नवीन प्रक्रिया प्रारंभ की।

11 नवम्बर 2020 से जिस विद्यालय में 10 छात्र कक्षा 6 से 8 में अध्ययनरत होंगे वहां उर्दू व अल्पभाषा के पद स्वीकृत करने का आदेश जारी हुआ जिस के अंतर्गत प्रस्ताव व नेताओं की की डिजायर के स्थान पर ऑनलाइन मेपिंग का सिद्धांत दिया गया।
22 नवम्बर 2020 को उदयपुर समझौते में इसे हरी झंडी दी गई।

यह सच है सभी अधिकारियों, प्रधानाध्यापक, व शालादर्पन प्रभारियों ने ईमानदारी से काम नहीं किया।
फिर भी आज तक जो प्रगति रही वो इस प्रकार से है।
प्रारंभिक शिक्षा में उर्दू L2 के कुल पद आज दिनांक तक 663 हैं जिन में से 458 पद जनवरी 2021 को स्वीकृत हुये। आज दिनांक तक कुल 901 उर्दू के तृतीय श्रेणी के शिक्षक कार्यरत हैं।
इन में से भी 228 ही तृतीय श्रेणी उर्दू के पद पर कार्यरत हैं। 673 उर्दू शिक्षक L1 पर पद विरुद्ध लगे हैं।

आज तक 70 साल के आजादी के इतिहास में उर्दू के मात्र 205 पद ही स्वीकृत थे।
5 जुलाई 2019 से चले उर्दू आंदोलन ने उर्दू को फ़रोग़ दिया जिस की वजह से 
अक्टूबर 2019 में 24 नये पद कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में, 21 जनवरी 2021 को 458 नये पद प्रारंभिक शिक्षा में, 24 जनवरी 2022 को 541 नवीन पद (माध्यमिक शिक्षा में) इस से पूर्व माध्यमिक शिक्षा कभी भी L2 के पद नहीं होते थे जो आप के आंदोलन के कारण हुये।
सेकंड ग्रेड उर्दू के अभी 58 नवीन पद ही बताये जा रहे हैं जो बढ़ेंगे।
अभी सेकंडरी का स्टाफिंग पैटर्न बाकी है।
कुल मिलाकर 24+458+541+58+35 ( 1023 तृतीय श्रेणी, 58 द्वितीय श्रेणी व 35 प्रथम श्रेणी कुल 1116 नये पद उर्दू के स्वीकृत हुये हैं) जो उर्दू ज़बान के इतिहास की बहुत बड़ी संख्या है।
अभी यह उर्दू आंदोलन रुका नहीं है हमारा लक्ष्य 11828 कुल उर्दू के पद स्वीकृत करवाने का है।

मुझे विश्वास है आप इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देंगे।

     आपका 
शमशेर भालुखां

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