Skip to main content

विधायक सभा प्रश्न सफिया जी

विधानसभा प्रश्न

राजस्थान में
(1) प्राथमिक,उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षावार विद्यालवार, ब्लॉकवार,जिलावार अल्पसंख्यक नामांकन की पृथक पृथक प्राथमिक,उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों की सूची सदन के पटल पर रखें।

(2) स्टाफिंग पैटर्न परिवर्तित नियम के अनुसार कक्षा 6 से 8 में तृतीय भाषा के 10 विद्यार्थियों के आवेदन के आधार पर पद स्वीकृत करने की अनुपालना में सही मेपिंग नहीं करने,विद्यार्थियों की इच्छा के बावजूद इच्छित तृतीय भाषा की मेपिंग नहीं करने वाले संस्था प्रधानों की सूची व राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना करने पर की गई/ प्रस्तावित कार्यवाही की सूचना सदन के पटल पर रखें।

(3) परिवर्तित स्टाफिंग पैटर्न नियमानुसार विद्यालयों में सभी तृतीय भाषाओं के साथ समान व्यवहार हेतु जारी निर्देशों की प्रति सदन के पटल पर रखें।

(4) विद्यालय क्रमोन्नति/ महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में सिर्फ संस्कृत तृतीय भाषा ही स्वीकृत होती है। एक ही तृतीय भाषा संस्कृत के पद स्वतः स्वीकृत होने का कारण स्पष्ट करते हुये सभी तृतीय भाषाओं को समान रूप से विकास के अवसर उपलब्ध करवाने की सरकार की नीति की प्रति सदन के पटल पर रखें।

(5) मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2021-22 के अनुसार "राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में 20 छात्रों का नामांकन होने पर उर्दू पद स्वीकृत किया जावेगा" के अनुसार की गई बजट घोषणा की क्रियान्वित में देरी का कारण स्पष्ट करते हुये व बजट घोषणा की क्रियान्वित में बाधक एजेंसी/अधिकारी/कार्मिक/कार्यालय के विरुद्ध की गई कार्यवाही की प्रति व इस बजट घोषणा को पूरा करने के सरकार के विनिश्चय हेतु आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखें।

(6) भारत के संविधान के अनुच्छेद 350-अ के अनुसार "प्राथमिक शिक्षा मातृ भाषा में प्रदान की जावे" बाबत  राज्य सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की प्रति सदन के पटल पर रखें। क्या राज्य सरकार मातृ भाषा माध्यम से प्रारम्भिक शिक्षा प्रदान करने हेतु संकल्पित है यदि हाँ तो प्रक्रिया यदि नहीं तो क्यों, विवरण सदन के पटल पर रखें।

(7) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 350-अ के अनुसार गठित गुजराल समिति की रिपोर्ट को लागू करने के लिये मंत्रिमण्डलीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा के आदेश क्रमांक शिविरा/प्रा. शिक्षा/संस्थापन/f-6/1319 दिनांक 13 दिसम्बर 2004 के अनुसार
(अ) प्रत्येक विद्यालय में अल्पभाषा पंजियन रजिस्टर का संधारण किया जाना है, के अनुसार 
(क) कितने विद्यालय अल्पभाषा पंजियन रजिस्टर संधारित कर चुके हैं व उनके अनुसार विद्यालयों में अल्पभाषा शिक्षण करवा रहे हैं, 
(ख) कितने विद्यालयों ने अल्पभाषा पंजियन रजिस्टर संधारित नहीं किया व कारण 

विवरण सदन के पटल पर रखें।
(ब) उक्त परिपत्र के अनुसार प्रति वर्ष अल्पभाषा के शिक्षण की स्थिति की रिपोर्ट भाषाई अल्पसंख्यक आयुक्तालय नई दिल्ली को प्रेषित की जानी होती है के अनुसार वर्ष 2018-19 से वर्ष 2021-22 की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखते हुये अल्पभाषा संरक्षण हेतु सरकार की भावी नीति को स्पष्ट करने वाले आदेश/परिपत्र की प्रति सदन के पटल पर रखें।

(8) महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल व समाज कल्याण विभाग/मेवात विकास बोर्ड के अधीन चल रहे विद्यालयों में अध्ययनरत अल्पसंख्यक छात्र-छत्राओं की विद्यालवार सूचना व उनमें स्वीकृत,कार्यरत व रिक्त उर्दू विषय के पदों की स्थिति विवरण सहित सदन के पटल पर रखें।

Comments

Popular posts from this blog

बासनपीर मामले की हकीकत

इस ब्लॉग और मेरी अन्य व्यक्ति से हुई बातचीत पर मंहत प्रतापपुरी का बयान जीवनपाल सिंह भाटी की आवाज में सत्य घटना सद्भावना रैली बासनपीर जूनी पूर्व मंत्री सालेह मुहम्मद का बयान बासनपीर जूनी के सत्य एवं जैसाने की अपनायत की पड़ताल -  पिछले कुछ दिनों से जैसलमेर के बासन पीर इलाके का मामला सामने रहा है। कहा जा रहा है कि पूर्व राज परिवार की जमीन पर बासनपीर गांव के लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। नजदीक से पड़ताल करने पर हकीकत कुछ ओर निकली। जिसके कुछ तथ्य निम्नानुसार हैं - रियासत काल में सन 1662 में बीकानेर और जैसलमेर रियासत के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में जैसलमेर सेना के दो वीर योद्धा सोढ़ा जी और पालीवाल जी शहीद हो गए। युद्ध के बाद बासन पीर (युद्ध स्थल) तालाब की तलहटी पर शहीदों की स्मृति में छतरियां बनवाई हैं। जैसलमेर के चारों और 120 किलोमीटर इलाके में 84 गांव पालीवाल ब्राह्मणों ने बसाए जिनमें से एक गांव बासनपीर जूनी भी था। पालीवाल ब्राह्मण समृद्ध किसान और व्यापारी थे, रियासत के दीवान सालिम सिंह से अनबन के कारण सन् 1825 में सभी गांव खाली करने को मजबूर हो गए। पालीवाल...

✍️कायम वंश और कायमखानी सिलसिला सामान्य इतिहास की टूटी कड़ियाँ

कायमखानी समाज कुछ कही कुछ अनकही👇 - शमशेर भालू खां  अनुक्रमणिका -  01. राजपूत समाज एवं चौहान वंश सामान्य परिचय 02. कायम वंश और कायमखानी 03. कायमखानी कौन एक बहस 04. पुस्तक समीक्षा - कायम रासो  05. कायम वंश गोत्र एवं रियासतें 06. चायल वंश रियासतें एवं गोत्र 07. जोईया वंश स्थापना एवं इतिहास 08. मोयल वंश का इतिहास 09. खोखर वंश का परिचय 10. टाक वंश का इतिहास एवं परिचय  11. नारू वंश का इतिहास 12 जाटू तंवर वंश का इतिहास 13. 14.भाटी वंश का इतिहास 15 सरखेल वंश का इतिहास  16. सर्वा वंश का इतिहास 17. बेहलीम वंश का इतिहास  18. चावड़ा वंश का इतिहास 19. राठौड़ वंश का इतिहास  20. चौहान वंश का इतिहास  21. कायमखानी समाज वर्तमान स्थिति 22. आभार, संदर्भ एवं स्त्रोत कायम वंश और कायमखानी समाज टूटी हुई कड़ियां दादा नवाब (वली अल्लाह) हजरत कायम खां  साहब   नारनौल का कायमखानीयों का महल     नारनौल में कायमखानियों का किला मकबरा नवाब कायम खा साहब हांसी,हरियाणा   ...

✅पाकिस्तान परस्त कौन

नापाक परस्त कौन -  👉 नापाक पसंद भाजपा - एक विश्लेषण 🔥# ऑपरेशन_सिन्दूर के बाद भारतीय सेना के आक्रमण में यदि #मोदी (भाजपा) सरकार ने दुश्मन से हमदर्दी न दिखाई होती और अमेरिका की व्यापार नहीं करने धमकी में ना आए होते तो भारतीय सेना नापाकिस्तान के नक्शे के चार टुकड़े कर चुकी होती। थोड़े समय के लिए सेना को फ्री हैंड मिल जाता, विदेश राज्य मंत्री पाक सरकार को हमले की पूर्व जानकारी ना देते और शहबाज़ शरीफ़ के प्रति प्रेम न छलकाते तो आज तस्वीर दूसरी होती। आख़िर भाजपा इतनी पाकिस्तान परस्त क्यों है, आईए जानते हैं,  1. 👉 वर्ष 1999 का फरवरी महीना दिनांक 19.02.1999 -  🔥 वाजपेई की लाहौर यात्रा और कारगिल युद्ध -             दिल्ली से लाहौर बस  लाहौर पहुंचे प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाक PM नवाज शरीफ से भेंट की। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस द्वारा बाघा बॉर्डर होते हुए लाहौर में नवाज शरीफ को गले लगाने पहुंचकर लाहौर घोषणा- पत्र जारी करते हैं। इधर वाजपेयी शरीफ के गले मिल कर मेहमाननवाज़ी का मजा ले रहे थे उधर नापाक स...

👤 शमशेर भालू खान

📍 कायमखानी बस्ती सहजुसर ,चूरू राजस्थान Pin :-331001

💬 Chat on WhatsApp

© 2026 ShamsherBhaluKhan.com | Designed & Managed by Shamsherbhalukhan