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Showing posts from March, 2025

✅जस्टिस कर्णन

▪️यह व्यक्ति जस्टिस कर्णन है जो कोट पहनकर फिल्मी स्टाइल में घूमता है। चिन्नास्वामी स्वामीनाथन कर्णन। वह न्यायालय की अवमानना ​​के लिए 2017 में छह महीने जेल की सजा काटकर बाहर आ रहे थे तब यह तस्वीर ली गई थी।  ▪️कर्णन कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं। वह मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। वहां के पहले दलित न्यायाधीश। वह न्यायाधीश रहते हुए जेल की सजा काटने वाले पहले न्यायाधीश भी हैं। अब उनके बारे में बात करने की वजह भी है।  ▪️2017 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा था। एक पत्र जिसमें 20 न्यायाधीशों के भ्रष्टाचार की जानकारी थी। यह पत्र एक बड़ा विवाद बन गया। इससे संवैधानिक संकट पैदा हो गया। ▪️ इतिहास में पहली बार किसी मौजूदा न्यायाधीश ने दूसरे न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। केंद्र सरकार इस पत्र को जारी करने के लिए तैयार नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ न्यायालय की अवमानना ​​का मामला दर्ज किया।  ▪️न्यायमूर्ति कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और कुछ अन्य न्यायाधीशों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।...

✅मोहम्मद (स0) इब्न अब्दुल्ला

सीजरा हजरत मोहम्मद साहब मोहम्मद साहब का परिवार वृक्ष मोहम्मद साहब का नाम अरबी लिपि 600 ईस्वी पूर्व से 600 ईस्वी पश्चात का समय विभिन्न धर्मों के उदय और प्रसार का समय रहा है। इसी काल खंड में बुद्ध, महावीर स्वामी,मोहम्मद साहब, गोशाला, कांफ्युशियस, लाओ स्त्से तुंग, ईसा जरथुस्ट सहित अनेक धर्म उपदेशक पृथ्वी पर आए। इस समय मानवाधिकार और मानवीयता लगभग समाप्ति की ओर थे। ऐसा कोई बूरा काम नहीं था जो इस धरती पर नहीं हो रहा था। आदि मानव असभ्य अवश्य था पर इतना नृशंश नहीं।  इस कड़ी में मानव उद्धार हेतु अरब की भूमि पर मोहम्मद साहब ने जन्म लिया। मोहम्मद साहब और इस्लाम धर्म का उदय :- इस्लाम धर्म इब्राहीमी सिलसिले का तीसरा धर्म है। जिसके प्रवर्तक मुहम्मद साहब थे। इस्लाम का प्रारंभिक विकास अरब प्रायद्वीप में हुआ। इस्लाम का शाब्दिक अर्थ “ईश्वर के प्रति समर्पित।जिसके मानने वाले मुस्लिम(मानने वाले,विश्वास करने वाले) कहलाते हैं। दूसरा शब्द काम मे लिया जाता है मुसलमान। मोहम्मद साहब का व्यक्तिगत परिचय:- जन्म - 20 अप्रेल 570  सुबह 4 ...

✅ब्रेस्ट टैक्स एक कहानी

स्तन टैक्स एक कहानी -  आज कोई सोच सकता है कि  कोई टैक्स ऐसा भी था जिसे हमारे ही सभ्य समाज के लोगो ने बनाया था ? क्या कोई सहन कर सकता है कि  ऐसा टैक्स जिसमें उसके घर की माँ बहन बेटी पत्नी के स्तनों के टटोलकर उसके आकार और वजन के हिसाब से कोई " स्तन टैक्स " निर्धारित करे !! चीख निकल जायेगी .. वो साल था  1729, का  मद्रास प्रेसीडेंसी में त्रावणकोर ( केरल ) साम्राज्य की स्थापना हुई।  साम्राज्य बना तो नियम-कानून बने।  टैक्स लेने का सिस्टम बनाया गया।  जैसे आज हाउस टैक्स, सेल टैक्स और जीएसटी,  लेकिन एक टैक्स और बनाया गया...ब्रेस्ट टैक्स मतलब स्तन कर ! और ये टैक्स सिर्फ निचली जाति की महिलाओं के लिए था .. त्रावणकोर  में निचली जाति की महिलाएं सिर्फ कमर तक कपड़ा पहन सकती थी ! अफसरों और ऊंची जाति के लोगों के सामने वे जब भी गुजरती उन्हें अपनी छाती खुली रखनी पड़ती थी।  अगर महिलाएं छाती ढकना चाहें तो उन्हें इसके बदले ब्रेस्ट टैक्स देना होता था ।  इसमें भी दो नियम थे ..  जिसका ब्रेस्ट छोटा उसे कम टैक्स और जिसका बड़ा...

✅सरकारी कर्मचारी एवं उनका व्यवहार

आज बार बार जग़ह जग़ह सरकार और व्यवस्था के ख़िलाफ़ आंदोलन और प्रदर्शन हो रहे हैं जिस से सरकार और उस के कर्मचारियों की साख काम हो रही है इसके लिए दोनों ही बराबर के दोषी हैं जैसे -        सरकार को स्नथानांतरण प्रमोशन नियुक्ति आदि की एक स्थायी नीति हो जिस के अंतर्गत तय समय पर जो काम होने हैं वो अपने आप हो जाएंगे जिस से किसी तरह की किसी भी गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी कर्मचारी नेताओं के घर के चक्कर नहीं काटेंगे जिस से श्रम व शक्ति के साथ साथ ऊर्जा की भी बचत होगी कर्मचारी किसी के दबाव में काम करने के बजाये वास्तविक और सही काम ही करेंगे। नेताओं का समय देश के लिए लिए काम करने के लिए काम आ सकेगा। 

✅इस्लाम धर्म शरियत और रिवायत (विवाह, तलाक और खुला, वसीयत,संपत्ति हस्तांतरण)

शरीयत कनून और मुस्लिम समाज (वर्तमान परिदृश्य) मानव के जन्म से मरने  तक के क्रियाकलापों के निर्वहन हेतु मोहम्मद साहब द्वारा कुरआन और हदीश के माध्यम से निर्मित नियमों को शरिया क़ानून कहते हैं। फिक्ह - इस्लामिक न्याय शास्त्र -  कुरआन और हदीश के साथ - साथ तत्कालिक परिस्थितियों के अनुसार न्याय के सिद्धांत को प्रतिपादित करने की विधि। न्यायालय (दार उल कजात) - इस्लामिक न्याय के वितरण हेतु निश्चित स्थान दार उल कजात कहलाता है, जहां काज़ी (न्यायाधीश) बैठ कर निर्णय सुनाते हैं। काज़ी (न्यायाधीश) यह एक डिग्री (उपाधि) है जो स्कूल ऑफ फिकह में 07 वर्ष के अध्ययन के पश्चात मिलती है। मुफ्ती (धर्म आदेश्क)  - शरीयत कानून के अनुसार किसी कार्य के सही - गलत होने की जानकारी देने वाला ( फतवा जारी करने वाला) उपदेशक मुफ्ती कहलाता है। यह भी एक डिग्री (उपाधि) है जो 5 वर्ष अध्ययन के बाद मिलती है। शरियत  - इस्लाम धर्म में ग्रंथ कुरआन और हदीश (मौहम्मद साहब द्वारा जारी वक्तव्य/ शिक्षाएं/ संदर्भ) को  शरीयत   (शरीया कानून/ इस्लामी कानून) कहते हैं। कानून ...

✅महिला दिवस 08 मार्च

08 मार्च अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस -  अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास उन महिलाओं के समर्पित है जिन्होंने अभाव एवं विपरीत परिस्थितियों के बावजूद स्वयं को साबित किया। संघर्ष कर के दम शोषण के दमन चक्र से निकलकर यह कहते हुए साढ़ा हक़ ईथे रख का नारा दिया।  अधिकार मांगने से नहीं छीन कर लिए जाते हैं।  विश्व स्तर पर मनाए जाने वाले इस त्योंहार का इतिहास सौ साल से भी पुराना है। इस दिन 8 मार्च को अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाने का आरंभ मजदूर परिवारों की महिलाओं ने किया। अमरीका, ब्रिटेन, जर्मनी, रूस, चीन, बांग्लादेश एवं भारत सहित कई देशों में महिला श्रमिकों ने बहादुरी से पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिला कर मालिकों और सरकारों के शोषण के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। महिला मौलिक अधिकार जैसे पढ़ना, समान वेतन पाना और वोट देना उनके संघर्ष की परिणित हैं। अमरीका और ब्रिटेन जैसे देशों में स्त्रियों ने जेल यात्रा की एवं शहीद हो गईं। रूसी क्रांति में 8 मार्च अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन रोटी के बढ़ते दाम के खिलाफ प्रदर्शन के में ही अन्य मजदूर भी आन्दोलन में शामिल हुए और...

✅इस्लाम धर्म जीवन निर्वाह एवं पूजा पद्धति

इस्लाम धर्म में जीवन निर्वाह एवं पूजा पद्धति - इस्लाम धर्म पांच शब्दों के आधार पर टीका हुआ है -  1. अल्लाह 2. नूर 3. 27 नबी (रसूल) 4. किताब (चार किताब) 5. फरिश्ते 6. शैतान 7. ईमान 8. मेराज का सफर 9. हिजरत 10. जीवन (इंसान) (क) हकउल्लाह  नमाज,रोजा हज,जकात (ख) हक़ उल इबाद  11. मौत 12. कब्र (रूह का आवास इल्लीयिन व सिजिन में रहना)। 13. क़यामत (अंतिम दिन) 14. आख़िरत (हिसाब का दिन) 15. हूर  16. जन्नत/जहन्नम (स्वर्ग/नरक) 1. अल्लाह -  हिंदी रूपांतरण -  अल्लाह   पर्यायवाची -  अल्लाह, रब, मालिक, खालिक, हुस्समद, वाहिद, नूर हिंदी अर्थ -  ईश्वर, पालनहार, स्वामी, भोजन देने वाला, अजन्मा, प्रकाश,  अल्लाह शब्द की उत्पति -  अल्लाह शब्द की उत्पत्ति अरबी भाषा के दो शब्दों अल और इलाह से हुई जिसमें अल का अर्थ है The  और इलाह का अर्थ है GOD/ईश्वर । बहुदेववादी अरबों में अल्लाह नाम का उपयोग निर्माता देवता या सर्वोच्च देवता के रूप में किया जाता था। मक्का में अल्लाह ही एकमात्र ऐसा देवता नाम था जिसकी कोई मूर्ति नहीं थी।...