Skip to main content

✅सरकार के ग्यारह साल का हिसाब दिन 12

ग्यारह साल बारह दिन ग्यारह सवाल 
ग्यारह साल से जिन मुद्दों को लेकर भाजपा को जनता ने चुना उनके संबंध में ग्यारह दिन तक ग्यारह सवाल -
दिन ग्यारह -
1. क्या हर भारतीय के खाते में पंद्रह लाख रुपए जमा हो गए - नहीं (अमित शाह जी ने कहा यह तो एक चुनावी जुमला था।)
2. भारत सरकार ने GST से आम जन को फायदा होने की दुहाई देते हुए देर रात तक संसद सत्र चला कर GST बिल पास करवाया। क्या इससे आम जन को लाभ हुआ - नहीं (उल्टे मरने पर कफ़न, जिंदा रहने पर दवाई, पढ़ने पर कापी - पेंसिल - खड़िया, खाने पर रसोई का सामान इस दायरे में आ गया जिस पर 12 से 18% GST लगता है।
3. माध्यम वर्ग का जीवन अधिक सरल बनाने का वादा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने किया, क्या यह वादा पूरा हुआ- नहीं (उल्टा माध्यम वर्ग सेकंड हैंड कार खरीदता है उसे भी 18% GST दायरे में शामिल कर दिया गया।)
4. प्रधानमंत्री जी ने मंगल सूत्र छीन लेने वाला चुनावी भाषण राजस्थान के डूंगरपुर में दिया, क्या अब आम आदमी के लिए मंगल सूत्र घढ़वाना आसान हो गया है - नहीं (सोने के भाव एक लाख पार हो गए हैं और आम आदमी की आमदनी न्यूनतम स्तर औसत 95 रूपये प्रति दिन से कम है, दो समय का भोजन मुश्किल हो गया है, आने वाले समय में मंगल सूत्र बेचकर राशन लेने के आने वाले हैं।)
5. आम फुटकर व्यापारियों की कमर GST ने तोड़ी, क्या सरकार ने इनको उबारने के प्रयास किए - नहीं (उल्टे सरकार मल्टी स्टोर एवं ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दे कर इनकी कमर तोड़ रही है।
6. क्या पेट्रोल तीस रुपए लीटर हो गया - नहीं
7. क्या नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए - नहीं
8. इलेक्ट्रॉल बॉन्ड के माध्यम भाजपा को बीएफ निर्यातकों व कॉन्ट्रेक्टर्स ने धन उपलब्ध करवाया - क्या सरकारी एजेंसियों ने पार्टियों को प्राप्त धन के उद्गम स्थल एवं बॉन्ड के बदले डील की जांच की - नहीं
9. क्या वक्फ संशोधन बिल से आम भारतीय मुसलमान को फायदा होगा। क्या अंटालिया के वक्फ भूमि पर निर्माण विवाद में सरकार की तरफ से कोई बयान जारी किया गया - नहीं (वक्फ संशोधन बिल से वक्फ समिति में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की एंट्री होगी।
10. देश में बढ़ते नशे, जुए और सट्टे के कारोबार से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। क्या इस संबंध में सरकार ने कोई एडवाइजरी या बयान जारी किया - नहीं (विभिन्न सट्टा कंपनियों द्वारा खिलाड़ियों व अभिनेताओं के विज्ञापन माध्यमों से धड़ल्ले से प्रचार किया जा रहा है।
11. वर्तमान आर्थिक, सामाजिक, सामरिक एवं राजनैतिक हालत पर सरकार को श्वेत पत्र जारी कर संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए था, क्या सरकार ने ऐसा किया - नहीं (सरकार केरल में मित्र के बंदरगाह के उद्घाटन व बिहार में चुनाव रैली व्यस्त है।

इन प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक भारतीय को चाहिए चाहे उसने वोट भाजपा को ही दिया है। यह राष्ट्र हित का प्रकरण है, जिसे राष्ट्र हित के संदर्भ में देखते हुए यदि सरकार ने कार्यवाही अभी तक नहीं की है तो आज से ही प्रारंभ कर देनी चाहिए।
शमशेर भालू खां 
जिलाध्यक्ष
राजस्थान शिक्षक कांग्रेस 
जिला, चूरू
9587243963


लगातार ......

Comments

Popular posts from this blog

बासनपीर मामले की हकीकत

इस ब्लॉग और मेरी अन्य व्यक्ति से हुई बातचीत पर मंहत प्रतापपुरी का बयान जीवनपाल सिंह भाटी की आवाज में सत्य घटना सद्भावना रैली बासनपीर जूनी पूर्व मंत्री सालेह मुहम्मद का बयान बासनपीर जूनी के सत्य एवं जैसाने की अपनायत की पड़ताल -  पिछले कुछ दिनों से जैसलमेर के बासन पीर इलाके का मामला सामने रहा है। कहा जा रहा है कि पूर्व राज परिवार की जमीन पर बासनपीर गांव के लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। नजदीक से पड़ताल करने पर हकीकत कुछ ओर निकली। जिसके कुछ तथ्य निम्नानुसार हैं - रियासत काल में सन 1662 में बीकानेर और जैसलमेर रियासत के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में जैसलमेर सेना के दो वीर योद्धा सोढ़ा जी और पालीवाल जी शहीद हो गए। युद्ध के बाद बासन पीर (युद्ध स्थल) तालाब की तलहटी पर शहीदों की स्मृति में छतरियां बनवाई हैं। जैसलमेर के चारों और 120 किलोमीटर इलाके में 84 गांव पालीवाल ब्राह्मणों ने बसाए जिनमें से एक गांव बासनपीर जूनी भी था। पालीवाल ब्राह्मण समृद्ध किसान और व्यापारी थे, रियासत के दीवान सालिम सिंह से अनबन के कारण सन् 1825 में सभी गांव खाली करने को मजबूर हो गए। पालीवाल...

✍️कायम वंश और कायमखानी सिलसिला सामान्य इतिहास की टूटी कड़ियाँ

कायमखानी समाज कुछ कही कुछ अनकही👇 - शमशेर भालू खां  अनुक्रमणिका -  01. राजपूत समाज एवं चौहान वंश सामान्य परिचय 02. कायम वंश और कायमखानी 03. कायमखानी कौन एक बहस 04. पुस्तक समीक्षा - कायम रासो  05. कायम वंश गोत्र एवं रियासतें 06. चायल वंश रियासतें एवं गोत्र 07. जोईया वंश स्थापना एवं इतिहास 08. मोयल वंश का इतिहास 09. खोखर वंश का परिचय 10. टाक वंश का इतिहास एवं परिचय  11. नारू वंश का इतिहास 12 जाटू तंवर वंश का इतिहास 13. 14.भाटी वंश का इतिहास 15 सरखेल वंश का इतिहास  16. सर्वा वंश का इतिहास 17. बेहलीम वंश का इतिहास  18. चावड़ा वंश का इतिहास 19. राठौड़ वंश का इतिहास  20. चौहान वंश का इतिहास  21. कायमखानी समाज वर्तमान स्थिति 22. आभार, संदर्भ एवं स्त्रोत कायम वंश और कायमखानी समाज टूटी हुई कड़ियां दादा नवाब (वली अल्लाह) हजरत कायम खां  साहब   नारनौल का कायमखानीयों का महल     नारनौल में कायमखानियों का किला मकबरा नवाब कायम खा साहब हांसी,हरियाणा   ...

✅इस्लाम धर्म में व्यापार, ब्याज एवं मुनाफा

अरब व्यापारी हर देश में हर देश का हर एक सामान खरीदते और बेचते थे। अरब में व्यापार -  किसी भी क्षेत्र में सभी सामान उपलब्ध नहीं हो सकते। हर क्षेत्र का किसी ना किसी सामान के उत्पादन में विशेष स्थान होता है। उपलब्ध सामग्री का उत्पादन, भंडारण, परिवहन एवं विपणन ही व्यापार कहलाता है। क्षेत्र अनुसार इसके अलग - अलग नाम हो सकते हैं। इस्लाम धर्म का उदय अरब में हुआ। अरब क्षेत्र में तीन प्रकार की जनजातियां रहती थीं। बायदा - यमनी  अराबा - कहतानू (मिस्र) मुस्ता अराबा - अरबी (इस्माइली) यह जनजातियां खेती, व्यापार एवं अन्य कार्य करती थीं। हजारों सालों से इनका व्यापार रोम, चीन एवं अफ्रीका के देशों से रहा। अरब व्यापारी पश्चिम में अटलांटिक महासागर से लेकर पूर्व में अरब सागर तक, अरब प्रायद्वीप तक व्यापार करते थे। अरब नील से ह्यांग्हो तक व्यापार करते थे। अरब प्रायद्वीप कई व्यापार मार्गों के केंद्र में स्थित था, जिसमें दक्षिण पूर्व एशिया, भूमध्य सागर और मिस्र शामिल थे। यहां मुख्य सभ्यताएं रहीं -  - सुमेरियन एवं बेबीलोन  सभ्यता (मेसोपोटामिया/इराक) (दजला फरात) की सभ्यता। - फ...