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✅सरकार के ग्यारह साल का हिसाब दिन 04

ग्यारह साल बारह दिन ग्यारह सवाल 
ग्यारह साल से जिन मुद्दों को लेकर भाजपा को जनता ने चुना उनके संबंध में ग्यारह दिन तक ग्यारह सवाल -
दिन चार -
पुलवामा हमले के 
1. मास्टरमाइंड पकड़े गए - नहीं
2. उरी हमले के हमलावर पकड़े गए - नहीं
3. चीन लगभग दस हजार किलोमीटर में घुस आया , वापस भगाया - नहीं
4. न ही कोई सीमा में घुसा है न ही घुसने दिया जायेगा, क्या गृह मंत्री जी का बयान सच है - नहीं
5. पाकिस्तान में राष्ट्रीय सुरक्षा को धत्ता बताते हुए बिना अनुमति एवं बिना सूचना के नवाज शरीफ के घर बिरयानी खाने गए प्रधानमंत्री जी ने वहां जाने के कारण का खुलासा किया - नहीं
6. सीमा पार से आतंकवाद रुका - नहीं
7. विदेशों में डंका बजा - नहीं उल्टे कनाडा ने भारत को शत्रु राष्ट्र घोषित किया।
8. सिंधु नदी का पाकिस्तान को पानी रोक दिया - नहीं
9. 24 घंटे बिजली आ रही है - नहीं
10. नई नहर परियोजना बनाई गई - नहीं
11. नदी जोड़ों जल परियोजना (अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी योजना) बंद की गई - हां
लगातार ......

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बासनपीर मामले की हकीकत

इस ब्लॉग और मेरी अन्य व्यक्ति से हुई बातचीत पर मंहत प्रतापपुरी का बयान जीवनपाल सिंह भाटी की आवाज में सत्य घटना सद्भावना रैली बासनपीर जूनी पूर्व मंत्री सालेह मुहम्मद का बयान बासनपीर जूनी के सत्य एवं जैसाने की अपनायत की पड़ताल -  पिछले कुछ दिनों से जैसलमेर के बासन पीर इलाके का मामला सामने रहा है। कहा जा रहा है कि पूर्व राज परिवार की जमीन पर बासनपीर गांव के लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। नजदीक से पड़ताल करने पर हकीकत कुछ ओर निकली। जिसके कुछ तथ्य निम्नानुसार हैं - रियासत काल में सन 1662 में बीकानेर और जैसलमेर रियासत के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में जैसलमेर सेना के दो वीर योद्धा सोढ़ा जी और पालीवाल जी शहीद हो गए। युद्ध के बाद बासन पीर (युद्ध स्थल) तालाब की तलहटी पर शहीदों की स्मृति में छतरियां बनवाई हैं। जैसलमेर के चारों और 120 किलोमीटर इलाके में 84 गांव पालीवाल ब्राह्मणों ने बसाए जिनमें से एक गांव बासनपीर जूनी भी था। पालीवाल ब्राह्मण समृद्ध किसान और व्यापारी थे, रियासत के दीवान सालिम सिंह से अनबन के कारण सन् 1825 में सभी गांव खाली करने को मजबूर हो गए। पालीवाल...

✍️कायम वंश और कायमखानी सिलसिला सामान्य इतिहास की टूटी कड़ियाँ

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