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✅चूरू अग्रसेन नगर ओवर ब्रिज

चूरु जिला मुख्यालय में अग्रसेन फाटक के पुल के डिजाईन को सही करना है #StandUpForChuruROB
10 March 2025
Signatures - 661 Next Goal - 
1,000
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Started by Rahul Kaswan

चूरु के जिला मुख्यालय के अग्रसेन फाटक (LC 167 A) पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के द्वारा रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य रेलवे के साथ हिस्सेदारी के माध्यम से किया जा रहा हैं। दिनांक 25/08/2023 को इस पुल कि वित्तीय स्वीकृति राज्य सरकार के द्वारा दी गई थी, NIT के अनुसार यह पुल पूरा 4 लेन का बनाया जाना प्रस्तावित था, जिसके अनुसार संवेदक को भी कार्य स्वीकृति जारी कि जा चुकी थी। इस पुल का कुछ हिस्सा बिना स्वीकृति के 4 लेन से 2 लेन कर दिया गया हैं। जिसके कारण आने वाले समय में चूरु के आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस पुल के रतननगर कि ओर उतरने पर लगभग 50 मीटर के बाद ही दूसरा रेल ओवर ब्रिज शुरु हो जाता हैं, जो कि IIT कि रिपोर्ट के अनुसार विभाग द्वारा दिशा समिति सहित सभी मीटिंग्स में यह बताया कि इस पुल को डिसमेंटल किया जाना प्रस्तावित हैं।
साथ ही पंखा रोड से आने वाले ट्रैफिक को इस पुल पर आने के लिए 3.75 मीटर कि सर्विस लेन दी गई हैं और पुरे ट्रैफिक को घूम कर पुल पर आना होगा। जिसके कारण सरदारशहर, रतनगढ़, भालेरी, तारानगर व चूरु शहर के पुरे ट्रैफिक को डाइवर्ट करने में काफी दिक्कत होगी व आये दिन दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहेगा।
आने वाले समय में बढ़ते हुए ट्रैफिक कि व्यवस्था को सुदृढ़ किये जाने के लिए इस पुल को पुराने डिज़ाइन के अनुसार पूरा बनाया जाना आवश्यक है। भविष्य के वाहन भार को देखते सार्वजानिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (ब्रिज) व कलेक्टर चूरु के साथ हुई मीटिंग में यह पाया गया कि निर्माणाधीन पुल निम्नलिखित बदलाव किये जाने अत्यंत आवश्यक हैं:- 
1. रतननगर फाटक के पुल को तुरंत डिसमेंटल किया जावे।
2. निर्माणाधीन पुल को कलेक्टर सर्किल कि और केंद्रीय विद्यालय कि तरफ अतिरिक्त डायवर्सन किया जाकर पुल बनाया जावे।
3. निर्माणाधीन पुल को रतननगर फाटक कि ओर (एलिवेटेड) आगे बढ़ाते हुए जिला परिवहन कार्यालय तक ले जाया जावे।
4. निर्माणाधीन पुल को पूर्व में स्वीकृत डिजाईन के अनुसार पूरा फोर लेन का बनाया जावे।
पूर्व में रतननगर फाटक पर बनाये गए पुल के कारण पिछले 15 वर्षों से चूरु शहर का आमजन पहले से ही काफी परेशान हैं, आज स्थिति ये बन चुकी हैं कि भारी वाहनों को शहर में जाना और आना अपने आप में विकट समस्या बन चूका हैं। हाल ही मे घोषित बजट में राज्य सरकार द्वारा इस पुल के मरम्मत के लिए 20 करोड़ कि राशी जारी कि गई हैं, जबकि इस पुल कि मरम्मत किया जाना संभव नहीं हैं और भविष्य में यह समस्या जस कि तस बनी रहेगी। ऊपर दिए गए सुझाव के माध्यम से ही चूरु शहर कि समस्या का उचित एवं प्रभावी निदान संभव हो सकेगा।ताकि चूरु कि जनता को इस पुल का पूरा लाभ मिल सके और चूरु के ट्रैफिक को कण्ट्रोल किया जा सकें।
का पूरा लाभ मिल सके और चूरु के ट्रैफिक को कण्ट्रोल किया जा सकें।
पूर्व में इस पुल में शेष रही लगभग 20 करोड़ कि राशी व इस बजट में जारी 20 करोड़ कि राशी को शामिल करते हुए अगर अतिरिक्त 50 करोड़ कि और राशी जारी कि जाती हैं तो यह क्षेत्र के अत्यंत लाभदायक होगा। अतः चूरु मुख्यालय पर निर्माणाधीन रेल ओवर ब्रिज को भविष्य कि आवश्यकता अनुरूप करते हुए अतिरिक्त राशी (लगभग 50 करोड़) जारी कर निर्माण करवाया जावे, ताकि चूरु शहर को ट्रैफिक समस्या से निजात मिल सके और आमजन को भी बेहतर सुविधा मिले।
 

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