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चूरू कांग्रेस बदहाल क्यों

चूरू कांग्रेस बदहाल क्यों....
जब तक कांग्रेस में रफीक मंडेलिया जी हैं तब तक भाजपा को ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। क्योंकि बीजेपी का काम तो यही कर देंगे।
सोचिये कैसे 
21 बिंदुओं के रूप में विश्लेषण - 
1. चूरू पंचायत समिति जीती हुई थी बहुमत होने के बावजूद भाजपा की झोली में डाल दी।
2. ठेके पर टिकट बांट कर चूरू नगर परिषद में 40 सीटे आनी थी उनको यह व्यक्ति 24 पर ले आए। 
3. 2018 का चुनाव यह व्यक्ति जानबूझकर हारा।
4. 2023 के चुनावों में रणजीत सातड़ा, महेंद्र सहनाली, रामनिवास सहारण, अहसान बीनासर जैसे कर्मठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के कारण हारा।
5. चुनावों के बाद सीधे बंबई चले जाते हैं और वापस चुनावों पर ही आते हैं।
6. बोलने की बिल्कुल भी सलाहियत नहीं है, जातिये टिप्पणियां सरेआम करते हैं।
7. जब जब चूरू को विपक्ष की जरूरत पड़ी यह महाशय नदारद रहे।
8. यह हर काम पैसे के दम पर करने की मंशा रखते हैं जबकि सभी काम पैसों से नहीं होता।
9. गत सरकार में इनके निकटतम लोगों पर ट्रासंफर या अन्य काम के लिए पैसे लेने के आरोप सरेआम लगे हैं, काफी लोगों ने पैसे वापस भी लिए हैं।
10. ईमानदार और स्पष्ट छवि के हाजी मकबूल मंडेलिया को किनारे कर रहे चूरू का अहित किया।
11. स्वयं अनपढ़ हैं और अनपढ़ पुत्र के मोह में दिग्भ्रमित हैं।
12. लोगों के कहे अनुसार चूरू  भाजपा के बड़े नेता से इनके अंतरंग संबंध जगजाहिर हैं जिसका प्रमाण बड़े से अखबार में बड़ा सा इश्तेहार सार्वजनिक है।
13. कुछ लोगों की मंडली से घिरे हुए कान के बेहद कच्चे और असंवेदनशील व्यक्ति हैं।
14. समर्पित, पढ़े लिखे लोगों से इनको अलगाव है।
15. देहात ब्लॉक अध्यक्ष और शहर ब्लॉक अध्यक्ष ऐसे लोगों को बनाया है जो सिर्फ इनकी हाजरी भरते हैं, पार्टी की रीति नीति से कोई लेना देना नहीं है।
16. गत चुनावों में मैने स्वयं अनुभव किया कि केवल घमंड के अलावा इनके पास कुछ नहीं है।
17. दूसरे जिले का व्यक्ति इनके कार्य देखता है जिसे व्यक्ति की कोई पहचान नहीं है।
18. अभी के नगर परिषद चुनावों में लोग रतनगढ़ इनसे मिलने जाते तो इनके घर का मुख्य दरवाजा नहीं खुलता, एक आदमी तो पूरी रात वहां इसलिए बैठा रहा कि एक बार बात हो जाए पर नहीं हो सकी।
19. यह सेटिंग में भरोसा रखते हैं, डेडिकेशन में नहीं।
20. चुनाव संबंधी किसी प्रकार की कोई रणनीति नहीं होती है, यहां तक कि चुनावों में मतदाता सूची महत्वपूर्ण होती है इस पर कोई कार्य नहीं किया जाता।
21. भाइयों में दरार डाल कर एक भाई को छोटा मोटा पद दे कर फूट डालो और राज करो कि नीति अपनाते हैं।
याद रहे यह सब ज्यादा दिन नहीं चलने वाला 
आप जिस ओहदे पर हैं उस ओहदे पर कोई ओर था, आपके बाद कोई ओर होगा। 
समय का इंतजार कीजिये।

बहुत सह लिया अब ना सहेंगे,
आपकी करनी हम सब से कहेंगे।
मिले हो तुम रक़ीबों से ए रफ़ीक,
कांग्रेसी आंखों से खून के अश्क़ बहेंगे।

#जिगर_चूरूवी

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