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शमशेर भालू खां

सुबे में शमशेर खान गांधी की कयादत में लगभग 63 दिन से शहीद स्मार्क जयपुर में गांधी वाधी  विचारधारा से मदरसा पेराटीचर्स राजीव गांधी पैराटीचर्स शिक्षाकर्मियों का धरना उनकी  नियमतिकरण की  वाजिब माँग को लेकर जारी है   सरकार ने भी  अपने इंतखाबी मंसूर  2018 (जनघोषण पत्र)में वायदा किया था की सत्ता में आते ही मदरसा पैराटीचर्स व तमाम संविधाकर्मियों को नियमित कर दिया जायेगा सरकार 17 दिस्मबर को अपने कार्यकाल की तीसरी वर्षगांठ मनाने जा रही है  लेकिन हकीकत यह है   की माइनरेटी के सर्वांगीण विकास के अहम मुद्दे को  लेकर सरकार गंभीर नजर नही आती तीन वर्ष मुकम्मिल होने पर भी माइनरेटी से जुडे इदारों  के निगम बोर्ड आयोग में अब तक चैयरमेन नही बनाये गये  2008 में भी कांग्रेस सरकार ने मदरसा पैराटीचर के  नियमितिकरण की घोषणा की थी सरकार भी बनी वजीरे आला बने अशोक गहलोत साहब लेकिन वायदा 2008 के वक्त भी वायदा ही बन कर रह गया 2018 का  भी सफर धिरे धिरे आने वाले इंतखाबी चुनाव 2023 की बडता जा रहा है सुबा  ए राजस्थान  में कांग्रेस में  माइनरेटी का वोट बैंक 24 केरेट सौने की तरह है जिसकी शुद्धता कांग्रेस आलाकमान भी मानता है सभी कास्टो  में मुस्लिम समुदाय ही एसा है वर्ग है जो की कांग्रेस को थोक के भावों वोट देता आया है  जिनका मत  प्रतिशत सार्वाधिक होता है  विधायक भी बनते  है मंत्री भी बनते है यहाँ तक की सुबे की होट सीटें टोंक , सरदारपुरा से सीएम के चेहरों को भी जीता कर विधानसभा भेजते है 2018 में भी सत्ता का सिंहासन मिलने में  100 सीटों में लगभग  90 सीटों जिताने में मुस्लिम समुदाय ने अहम भूमिका निभाई थी    सत्ता हासिल करने के बाद सरकार अपनी ही पार्टी में आपसी कलह गुटबाजी के दौर से गुजर रही थी   मुख्यमंत्री के सिंहासन को  बचाने में भी माइनरेटी के 9 विधायक सुरक्षा कवच बनकर साथ निभा रहे थे  उसका इनाम ओ  इकराम बस इतना ही मिलता है की सौ फीसदी वोट देने वाले समुदाय से महज मंत्रीमंडल में दो मंत्री ही बनते है  सत्ता में भागीदारी तो दूर लेकिन सुबे के अक्लियत के लोगो का मदरसा पैराटीचर्स पर नियमतिकरण पर सरकार की खामोशी अपने आप को अक्लियत के खैरखवाह कहने वाले वजीरे आला जनाब अशोक गहलोत साहब  भी सवालों के घेरे में हैं शहीद स्मारक पर शमशेर खान  गांधी के आह्वान पर विधायकों के आवास पर धरने भी दिये जा रहे है कोटा में काबीना वजीर शांती  धारीवाल साहब के आवास पर निरंतर धरने  के दौरान कौम की बेटी  नाजमीन की तबीयत अचानक बिगड जाती है अस्पताल में इलाज के दौरान इंतकाल हो जाता है फिर भी सरकार की चुप्पी बनी रहती है  टोंक प्रभारी  मंत्री  शाले  मोहम्मद के टोंक में आगमन पर  मदरसा पैराटीचर्स का सब्र का पैमाना भी  टूट गया  अपने नियमतिकरण को लेकर अल्पसंख्यक मामलात विभाग के आधीन आने वाले मदरसा पैराटीचर पर पुलिस ने दमनकारी रवैया अपनाते हुए  बल का प्रयोग किया यहाँ तक कि महिलाओं  को भी धक्के मारे लाठी चार्ज   की   महकाम ए अक्लियत के  काबीना वजीर शाले मोहम्मद  को भी विरोध का सामना करना पडा   ,पाली में प्रभारी मंत्री टीकाराम जूली सवाइमाधोपुर में प्रभारी मंत्री भजनलाल जाटव बीकानेर में शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला जी का घेराव किया कांग्रेस सरकार के खिलाफ एहतजाज किया इन नारों की गूंज तो वजीरे आला हुकूमते राजस्थान  तक जरुर पहुँची होगी अगर अब भी सरकार ने संवेदनशीलता नही दिखाई तो मंत्रीयों के घेराव इसी तरह होंगे   माइनरेटी को अपनी बैकबोर्न कहने वाली कांग्रेस के राज में राजस्थान में अक्लियत को अब तक  अपना   हूकूक  नही मिला  है जिसकी वाकई हकदार है    माइनरेटी के 9 विधायक  को खामोशी को तोडकर इस मुद्दे पर आगे आना चाहिए। मंत्रीमंडल का विस्तार भी हो चुका है फिर अब अपनी कौम के लिये आवाज उठाने में डर कैसा  इनमें कोई मदरसा पेराटीचर उर्दू की बदहाली  मुस्लिम वेलफेयर के मामलों में बीरबल भी बनता नजर नही आ रहा है देवली उनियारा विधायक हरीश मीणा साहब ने मंच के माध्यम से शाले मोहम्मद के सामने ही मदरसा पैराटीचर के नियमतिकरमन का मुद्दा उठाया केबीनेट मंत्री हेमराज चोधरी लगातार पैरवी कर रहे है  चाकसू विधायक वेदप्रकाश सोलंकी साहब  अपनी बात को बैबाकी से रखने के लिये जाने जाते है हाल ही में शिक्षक संघ के एक प्रोग्राम में  खुले मंच से मदरसा पेराटीचर अन्य संविधाकर्मियों को नियमित करने का जनघोषणा पत्र का सरकार का किया हुआ  वायदा याद दिलाया की  सत्ता में आते ही तमाम सविंधाकर्मियों को नियमित करेंगे   वजीरे आला हुकूमते राजस्थान के राज मे्  अक्लियत के लौगो को अपनी माँगे मनवाने के लिये सडको पर आना पड रहा है जोधपुर कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना दे रहे मदरसा पैराटीचर से वैभव गहलोत मुलाकात भी नही करते है इसकी एवज में धक्के मिलते हैं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव  कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजयमाकन वक्त वक्त पर  सियासी मिजाज को भापंने जयपुर आते रहते है उनको भी माइनरेटी के मदरसा पैराटीचरस का दर्द या यू कहें की हमारे जनघोषणा पत्र का वायदा है नजर नही आता अगर अब भी माइनरेटी को नजरअंदाज किया तो  2023 में सत्ता वापसी के कांग्रेस के टारगेट में मंजिल आसान नही होगी भरतपुर नगर से विधायक वाजिब अली साहब के कौमी जजबे को सलाम  उन्होंने  मदरसा पैराटीचर्स को नियमित करने की  हिमायत कर सर्द मोसम में चल रहे आंदोलन को पुरी तरह से अपना  समर्थन दिया सरकार से मुतालबा कर  यहाँ तक कह दिया की अगर नियमित नही  किया तो में अपना इस्तफा दे दूंगा  सुबे के करीब 100 विधायकों ने मदरसा पैराटीचर्स अन्य सविंधा कर्मियों के नियमतिकरण के अनुशंसा की है माइनरेटी के सभी विधायकों इस मसले पर खुल कर सामने आकर मुख्यमंत्री के समक्ष पुर जोर तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। नियमतिकरण करवाकर शमशेर गांधी साहब का अनशन समाप्त करवाना चाहिए।

शाहरूख खान

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