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लघुकथा -घर चलाना

#लघुकथा - #घर_चलाना
सुबह का समय जाजूसर में सुमेर और उसकी पत्नी अतर बाहर दरवाजे में बैठे थे। घर में सामान लाने पर बात चली। अतर सुमेर से हमेशा कहती है कि आप मुझे घर खर्च के लिए कम पैसे देते हो, कैसे काम चलाऊं।
सुमेर जितना कमाता लोन की किस्त आदि भरने के बाद बची रकम पत्नी अतर को दे देता है।
दोनों में बहस शुरू हो गई, सुमेर कहता तुम्हारा खर्च रोज बढ़ता जा रहा है।
अतर को गुस्सा आ गया, उसने कहा आप तो महीने में एक बार पैसे देते हो, हर बार कोई ना कोई मांगतोड़ा बच जाता है।
लिखो घर में कितना पैसा लगता है। अच्छा बताओ हम घर में कितने आदमी हैं ?
सुमेर ने कहा पांच जन।
मैं लिखवाती हूं महीने का खर्चा - लिखो!
सुमेर ने डायरी उठाई और लिखना शुरू किया - 
01. बिजली बिल - 2500
(यदि AC है तो 4000)
02. गैस - 800
03. पानी - 600
04. रसद - 3500
05. दूध - 3500
06. सब्जी - 2000
(यदि मांस,मछली अंडा खाते हैं तो 4500)
07. फल - 800
08. घर के सामान की मरम्मत - 500
09. मोबाइल रिचार्ज - 1500
10. आना - जाना (किराया) - 2500 (यदि गाड़ी है तो 8000)
11. कपड़े - 3000
12. जूते/चप्पल - 1000
13. साबुन, शैंपू, सर्फ,हार्पिक,बर्तन धोने का जेल, फिनायल आदि - 600
14. ब्याह शादी - 1200
15. कार्यस्थल पर खर्च - 750
16. बच्चों की पढ़ाई (दो बच्चे) - 3600
17. दवाई, अस्पताल इलाज - 1800
18. नया सामान खरीद - 1500
19. झाड़ू, पोंछा, मॉप,बाल्टी, टब,झरिया,चाकू, लाइटर, माचिस आदि - 300
20. बर्तन - 500
21. बिस्किट, ब्रेड, आदि - 600
22. घर में दो आदमी गुटखा, बीड़ी,पान, तम्बाकू आदि का सेवन करते हैं तो - 1450 
23. चंदा, धार्मिक क्रियाकलाप, दान, खैरात आदि - 2000
24. पत्नी का प्रसाधन खर्च - 600
25. अन्य छुपे खर्च - 1000
कुल खर्च - 36607 रूपए 
अतर ने यह जोड़ते हुए कहा कि यह अपने पांच आदमियों के घर का बारह महीने का औसत खर्च है, जिसमें घूमना फिरना, जमीन खरीदना, मकान बनवाना, ऋण अदायगी, गहने, संतान के विवाह, ओसर - मोसर , भात, छुछक, ओढ़ावनी, बेटी - जमाई पर खर्च आदि शामिल नहीं हैं।
सुमेर ने कान पकड़ कर कहा ठीक है, अगले महीने कहीं ओर ओवर टाइम कर पैसे कमाने की जुगत करता हूं।
अतर ने भी खाली समय में कोई काम कर दो रुपए जोड़ने का वादा किया।

#जिगर_चुरूवी

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